TS Inter 1st Year Physics Notes Chapter 14 అణుచలన సిద్ధాంతం

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TS Inter 1st Year Physics Notes 14th Lesson అణుచలన సిద్ధాంతం

→ అవగాడ్రో నియమము : సమాన ఉష్ణోగ్రతా పీడనాల వద్ద సమాన ఘన పరిమాణం ఉన్న అన్ని వాయువులలో అణువుల సంఖ్య సమానము,

→ స్వేచ్ఛా పథమధ్యమము : వాయువులలో అభిఘాతానికి లోనుగాకుండా అణువులు ప్రయాణించగలిగే సగటు దూరాన్ని స్వేచ్ఛా పధమధ్యమము అంటారు.

→ పరమాణువులు కొద్ది అంగ్జామ్ల దూరంలో ఉన్నపుడు ఆకర్షించుకుంటాయి. ఇంకా దగ్గరకు వస్తే వికర్షించుకుంటాయి.

→ గతిక సమతాస్థితిలో అణువులు అభిఘాతం చెందుతూ, అభిఘాత సమయంలో వాటి వడిని మార్చుకుంటాయి.

→ వాయువులలో P, V మరియు T ల మధ్య సంబంధము PV – KT = μRT

→ వాయు అణువుల సంఖ్య లెక్కలోనికి తీసుకుంటే
\(\frac{\mathrm{P}_1 \mathrm{~V}_1}{\mathrm{~N}_1 \mathrm{~T}_1}=\frac{\mathrm{P}_2 \mathrm{~V}_2}{\mathrm{~N}_2 \mathrm{~T}_2}\) = KB
ఇందులో K. బోల్ట్స్ మన్ స్థిరాంకము. KB = R/NA – 1.38 × 1023 JK-1

→ అణుచలన సిద్ధాంతంలోని ఊహాగానాలు

  • అణువులు నిరంతరం క్రమరహితంగా చలనంలో ఉంటాయి.
  • అణువుల మధ్య అన్యోన్య చర్యను ఉపేక్షించవచ్చు.
  • అణువులు సరళ రేఖలలో స్వేచ్ఛగా చలిస్తాయి.
  • అణువులు నిరంతరం ఒకదానితో ఒకటి ఢీకొనడం వల్ల మరియు పాత్ర గోడలతో ఢీకొనడం వల్ల వాటి దిశలను వేగాలను మార్చుకుంటాయి.
  • వాయు అణువుల మధ్య అభిఘాతాలు స్థితిస్థాపక అభిఘాతాలు.

→ ఆదర్శ వాయు పీడనము : అణుచలన సిద్ధాంత ప్రకారము ఆదర్శవాయు పీడనము, P = \(\frac{1}{3}\)nmv2

→ వాయువులలో ఒక్కొక్క స్వతంత్ర చలన దిశకు గతిజశక్తి KE = \(\frac{1}{2}\)KBT

స్వతంత్ర చలన దిశలు లేదా స్వతంత్ర చలన పరిమితులు :
→ ఒక సరళ రేఖపై చలించే అణువుకు ఒక స్వతంత్ర పరిమితి ఉంటుంది.

→ ఒక తలంలో చలించే అణువుకు రెండు స్వతంత్ర పరిమితులు ఉంటాయి.

→ అంతరాళంలో చలించే అణువుకు మూడు స్వతంత్ర పరిమితులు ఉంటాయి.

TS Inter 1st Year Physics Notes Chapter 14 అణుచలన సిద్ధాంతం

→ ఏకపరమాణుక అణువు (హీలియం, ఆర్గాన్ వంటివి) కు స్వతంత్ర పరిమితులు మూడు.

→ ద్విపరమాణుక వాయువులకు మూడు స్థానాంతరణ స్వతంత్ర పరిమితులు, రెండు భ్రమణ పరిమితులు మొత్తం ఐదు స్వతంత్ర పరిమితులు ఉంటాయి.

→ బహు పరమాణుక అణువులకు మూడు స్థానాంతరణ, మూడు భ్రమణ స్వతంత్ర పరిమితులు మరియు కనీసం ఒక్కటి లేదా అంతకన్న ఎక్కువ కంపన పరిమితులు ఉంటాయి.

→ విశిష్టోష్టముల నిష్పత్తి: వాయువులలో స్థిర పీడన విశిష్టోష్టము Cp, మరియు స్థిర ఘనపరిమాణ విశిష్టోష్ణము Cvల నిష్పత్తిని విశిష్టోష్టముల నిష్పత్తి ‘γ’ అంటారు. γ = Cp/Cv

→ ఏకపరమాణుక వాయువులకు γ = 5/3 = 1.67
ద్విపరమాణుక వాయువులకు γ = 7/5 = 1.4
త్రిపరమాణుక లేదా బహుళ పరమాణుక వాయువులకు r = 1.33.

→ పీడనం (P), ఘనపరిమాణం (V), పరమ ఉష్ణోగ్రత (T) లను కలిపే ఆదర్శ వాయు సమీకరణం PV = μRT = KBNT
ఇచ్చట మోల్ల సంఖ్య, N అణువుల సంఖ్య, R మరియు KB లు సార్వత్రిక స్థిరాంకాలు.
R = 8.314 J mol-1K-1; KB = \(\frac{\mathrm{R}}{\mathrm{N}_{\mathrm{A}}}\) = 1.38 × 10-23JK-1

→ ఆదర్శ వాయువుకు అణుచలన సిద్ధాంతము ప్రకారము,
P = \(\frac{1}{3}\)nmv2
ఇచ్చట n అణువుల సంఖ్యా సాంద్రత, m అణువు ద్రవ్యరాశి, v2 సగటు వడి వర్గం

→ ఉష్ణోగ్రతకు గతిక వివరణ, \(\frac{1}{3}\)mv = \(\frac{3}{2}\)KBT
vrms = (v2)\(\frac{1}{2}\) = \(\sqrt{\frac{3 \mathrm{~K}_{\mathrm{B}} \mathrm{T}}{\mathrm{m}}}\)

→ స్థానాంతరణ గతిజశక్తి, E = \(\frac{3}{2}\)KBNT

→ స్వేచ్ఛా పథమధ్యమం, l = \(\frac{1}{\sqrt{2} \mathrm{n} \pi \mathrm{d}^2}\) ఇచ్చట n సంఖ్యా సాంద్రత, d అణువు వ్యాసం

→ “T” ఉష్ణోగ్రత వద్ద ఒక వాయువులోని అణువుల సగటు వర్గ మధ్యమ మూల వడి (rms), Crms = \(\sqrt{\frac{3 R T}{M}}\) ఇచ్చట ‘M’ అణువుల ద్రవ్యరాశి.

→ ఒక వాయువులోని ‘n’ అణువులు వరుసగా C1, C2, C3…………… Cn వడులు కలిగి ఉన్న, ఆ వాయు అణువుల (rms) వడి,
Crms = \(\sqrt{\frac{c_1^2+c_2^2+c_3^2+\ldots \ldots \ldots \ldots+c_n^2}{n}}\)

TS Inter 1st Year Physics Notes Chapter 14 అణుచలన సిద్ధాంతం

→ ఒక వాయువుకు ‘f’ స్వతంత్ర పరిమితులు ఉంటే, Cp, Cv, ల నిష్పత్తి, γ = \(\) = 1 + \(\)

→ ఒక వాయువు యొక్క అణువుల rms వడికి, వాయువు పరమ ఉష్ణోగ్రతకు సంబంధం, c ∝ √T

TS Inter 1st Year Hindi Study Material Chapter 3 अधिकार का रक्षक

Telangana TSBIE TS Inter 1st Year Hindi Study Material 3rd Lesson अधिकार का रक्षक Textbook Questions and Answers.

TS Inter 1st Year Hindi Study Material 3rd Lesson अधिकार का रक्षक

दीर्घ समाधान प्रश्न

प्रश्न 1.
उपेंद्रनाथ ‘अश्क’ का संक्षिप्त परिचय लिखिए ?
उत्तर:
उपेंद्रनाथ जी का जन्म 14 दिसंबर 1910 को जालंधर में हुआ 1 आपने लाहौर से कानून की परीक्षा उत्तीर्ण की। बाद में, स्कूल में अध्यापक हो गए । 1933 में साप्ताहिक ‘भूचाल’ का प्रकाशन आरंभ किया । अश्क जी को अध्यापन, पत्रकारिता, वकालत, रंगमंच, रेडियो, प्रकाशन और स्वतंत्र लेखन का व्यापक अनुभव था । 1936 में पहली पत्नी का निधन हो गया व 1941 में कौशल्याजी से दूसरा विवाह किया ।

उर्दू में ‘जुदाई की शाम का गीत’, ‘नवरत्न’, व ‘औरत की फितरत’ संग्रह प्रकाशित हुए हैं।

अश्कजी ने आठ नाटक, अनेक एकांकी, सात उपन्यास, सौ से भी अधिक कहानियाँ, अनेक संस्मरण लिखे ।

आपके उपन्यास ‘सितारों के खेल’, ‘गिरती दीवारे’, ‘गर्म राख’, ‘पत्थर अल पत्थर’, ‘शहर में घूमता आईना’, ‘एक नन्ही कंदील’, ‘बड़ी-बड़ी आँखे’ चर्चित रहे ।

TS Inter 1st Year Hindi Study Material Chapter 3 अधिकार का रक्षक

प्रश्न 2.
‘अधिकार का रक्षक’ नामक एकांकी के मुख्य पात्र सेठ जी के बारे में संक्षिप्त में लिखिए ?
उत्तर:
अधिकार का रक्षक नामक एकांकी के मुख्य पात्र सेठजी है। सेठ जी प्रांतीय असेंबली के उम्मीदवार हैं। सेठजी जो कुछ भी कहते हैं वह कभी नहीं करते । लोगों से कहते हुए बात अपना जीवन में आचरण नही करते हैं । बच्चों के संबन्ध में कहते है कि बच्चो को प्रेम से देखना चाहिए लेकिन अपने बच्चे को ही दंड देता है । प्रेम से बच्चों के साथ व्यवहार करने की सलाह देता है । खुद अपने बच्चों को मारते हैं।

मजदूरों और गरीबों की सहायता करने की बात करते हैं । फिर भी अपना घर में काम करने वाली रसोइया और साफ करने वाली दो महिलाओं को पैसे देने के बिना धकेलता है । खुद सेठजी नौकरों पर हुए अत्याचार के विरुद्ध नौकर यूनियन स्थापित की है । ” असेंबली में जाते ही मजदूरों की अवस्था सुधारने का प्रयास करूँगा ” – इस तरह वायदे करते हैं। सेठजी श्रीमती सेठजी से बुरी तरह व्यवहार करते हैं । जब सरला जी फोन करती है तो महिलाओं के पक्ष लड़ने के लिए वादा करते हैं ।

चुनाव में जीतने के लिए और शासक को अपने हाथों में लेने के लिए सेठजी जैसे लोग अनेक प्रकार के व्यूह रचते हैं। नेताओं में बहुत से लोग योग्य नहीं हैं। इसीलिए जनता सोच समझकर अपनी कीमती वोट सही नेता को देना चाहिए ।

एक शब्द में उत्तर दीजिए

प्रश्न 1.
सेठजी का व्यवहार कैसा है ?
उत्तर:
धोखेबाज़ ।

प्रश्न 2.
सेठजी के बेटे का नाम क्या है ?
उत्तर:
बलराम ।

प्रश्न 3.
सेठजी के रसोइये का नाम क्या है ?
उत्तर:
भगवती ।

TS Inter 1st Year Hindi Study Material Chapter 3 अधिकार का रक्षक

प्रश्न 4.
संपादक सेठजी से क्या निवेदन करता है ?
उत्तर:
मेरे स्वास्थ्य इजाज़त नही देता और सहायक संपादक का प्रबंध कर दे ।

संदर्भ सहित व्याख्याएँ

प्रश्न 1.
मैं कह रहा था कि पूरे प्रांत में मैं ही ऐसा व्यक्ति हूँ जिसने पाठशालाओं में शारीरिक दंड तत्काल बंद करने पर ज़ोर दिया
है ।
उत्तर:
संदर्भ : यह वाक्य ‘अधिकार का रक्षक’ नामक पाठ से दिया गया है । यह पाठ एकांकी है । इसके लेखक ‘उपेंद्रनाथ अश्क’ जी हैं । 1932 में मुंशी प्रेमचंद की सलाह पर हिंदी में कहानियाँ लिखना शुरु किया । ” औरत का फितरत” आपकी कहानी संग्रह है। उन्होंने फिल्मों की कहानियाँ, पटकथाएँ, संवाद और गीत लिखे । प्रस्तुत एकांकी में नेतगण के बारे में कहा । यह एक व्यंग्यात्मक एकांकी है ।

व्याख्या : एकांकी में मुख्य पात्र सेठ जी है। सेठ प्रांतीय असेंबली के उम्मीदवार है । सेठ चुनाव के समय होने के कारण सबसे विनम्र से बातें कर रहे हैं। मंत्रीजी सेठ को फोन करके बातें करते समय सेठजी मंत्रीजी से उपरियुक्त वाक्य कहते हैं। सेठजी सब इलाकों में पाठशालाओं में शारीरिक दंड तत्काल बंद करने पर जोर दिया है। बच्चों को स्कूलों में शारीरिक दंड देना मना किया । अगर किसी बच्चे को दंड दिया तो शिक्षक को नौकरी से निकाल देंगे या जेल भिजवाना पडेगा । बच्चों के लालन पालन में परिवर्तन लाने केलिए बहुत जोर से बातें करते हैं। बच्चों पर बात बात पर डाँट-फटकार कर रहे हैं। इसे बदलना पडेगा ।

विशेषताएँ : बच्चों को शारीरिक दंड देना सरकार ने मना किया । इस तरह सोचकर लाड़प्यार देंगे तो बच्चे बिगड़ भी जायेंगे। बच्चों को सही – गलत का ज्ञान करवाना हमारी जिम्मेदारी हैं ।

TS Inter 1st Year Hindi Study Material Chapter 3 अधिकार का रक्षक

प्रश्न 2.
मैं कहती हूँ, आप बच्चों से प्यार करना कब सीखेंगे ? जब देखो, पीटते रहते हो । देखो तो सही, गाल पर उँगलियों के निशान पड़ गए हैं ।
उत्तर:
संदर्भ : यह वाक्य ‘अधिकार का रक्षक’ नामक पाठ से दिया गया है । यह पाठ एकांकी है । इसके लेखक ‘उपेंद्रनाथ अश्क’ जी हैं । 1932 में मुंशी प्रेमचंद की सलाह पर हिंदी में कहानियाँ लिखना शुरु किया । “औरत का फितरत ” आपकी कहानी संग्रह है । उन्होंने फिल्मों में कहानियाँ, फटकथाएँ, संवाद और गीत लिखे । प्रस्तुत एकांकी में नेता गण के बारे में लिखे । यह एक व्यंग्यात्मक एकांकी है ।

व्याख्या : एकांकी में मुख्य पात्र सेठजी है। सेठ प्रांतीय असेंबली के उम्मीदवार है। मंत्रीजी से फोन में बातें करते समय सेठ जी के छोटे बेटे बलराम कमरे के अंदर आकर पिताजी से कुछ बोलना चाहता है । लेकिन सेठ बलराम की थप्पड देकर नौकर रामलखन के साथ बाहर भेज देता है ! बलराम रोते हुए श्रीमती सेठ के पास जाता है ।

पिताजी पर माँ को शिकायत करता है । तब श्रीमती सेठ अंदर आकर ऊपरियुक्त प्रसंग सेठजी से करती है। बच्चों के मन कोमल होता है। बच्चों से इस तरह बरताव करना छोडिए । प्यार से अपने पास बुलाकर समझायोंगे तो समझ जायेगा । गाल पर उंगलियों की निशान भी पड़ गए है । दुबारा ऐसा नही करना । (पति) सेठजी बातें सुनकर पत्नी को धकेलते हुए बाहर निकालता है । सेठ कोध से पागल हो जाता है ।

विशेषताएँ : माँ बाप बच्चों को अनुशासन के साथ अच्छे बुरे की पहचान करवानी चाहिए। कभी कभी प्रेम व स्नेह ही सबसे अच्छी चीज़ होती जो अपने बच्चों को दे सकते हैं ।

अधिकार का रक्षक Summary in Hindi

लेखक परिचय

उपेंद्रनाथ ‘अश्क’ का जन्म जालन्धर, पंजाब में हुआ । जालन्धर में प्रारम्भिक शिक्षा लेते समय 11 वर्ष की आयु से ही वे पंजाबी में पुकबंदियाँ करने लगे थे । कला स्नातक होने के बाद उन्होंने अध्यायन का कार्य शुरु किया तथा विधि की परीक्षा विशेष योग्यता के साथ पास की । ‘अश्क’ जी ने अपना साहित्यिक जीवन उर्दू लेखक के रूप में शुरु किया था ।

सन् 1932 मुंशी प्रेमचंद की सलाह पर उन्होंने हिंदी में लिखना आरम्भ किया । सन् 1933 में उनका दूसरा कहानी संग्रह ‘औरत की फितरत’ प्रकाशित हुआ जिसकी भूमिका मुंशी प्रेमचन्द ने लिखी । उनका पहला काव्य संग्रह ‘प्रातः प्रदीप’ सन् 1938 में प्रकाशित हुआ I बम्बई प्रवास में उन्होंने फिल्मों की कहानियाँ, पटकथाएँ, संवाद और गीत लिखे, तीन फिल्मों में काम भी किया । किन्तु चमक-दमक वाली जिन्दगी उन्हें रास नहीं आई । उनको 1972 के ‘सोवियत लैंड नेहरु पुरस्कार’ से भी सम्मानित किया गया ।

सन् 1996 में उपेंद्रनाथ ‘अश्क’ चिर निद्रा में लीन हो गए ।

उपेंद्रनाथ अश्क ने ‘गिरती दीवारें’ ‘शहर में घूमता आईना’, ‘गर्म राख’, ‘सितारों के खेल’ जैसे प्रसिद्ध उपन्यास लिखे । कहानी संग्रहों में ‘सत्तर श्रेष्ठं कहानियां’, ‘जुदाई की शाम के गीत’, ‘काले साहब’, ‘पिंजरा’, ‘आड़’ प्रसिद्ध हैं ।

‘लौटना हुआ दिन’, ‘बड़े खिलाडी’, ‘जय-पराजय’ ‘स्वर्ग की झलक’, ‘भँवर’ चर्चित नाटक हैं । एकांकी संग्रहों में ‘अन्धी गली’, ‘मुखडा बदल गया’, ‘चारवाहे’ प्रसिद्ध हैं ।

‘एक दिन आकाश ने कहा’, ‘प्रातः प्रदीप’, ‘दीप जलेगा’, ‘बरगद की बेटी’ उनकी काव्य रचनाएँ हैं । संस्मरणों में ‘मण्टो मेरा दुश्मन’, ‘फिल्मी जीवन की झलकियाँ और आलोचनात्मक ग्रंथों में ‘अत्वेषण की सहयात्रा’, ‘हिंदी कहानी एक अन्तरंग परिचय’ सराहनीय हैं ।

प्रस्तुत पाठ ‘अधिकार का रक्षक’ एक एकांकी है। इसके लेखक ‘उपेंद्रनाथ अश्क’ जी है। ‘अश्क’ जी कहानियाँ, पट कथाएँ, संवाद और गीत लिखे। आप को 1972 के ‘सोवियत लैंड नेहरु पुरस्कार’ से भी सम्मानित किया । प्रस्तुत एकांकी में चुनाव में लड़ने वाले एक नेता के बारे में कहा । नेता लोग अधिकार पाने के पहले क्या क्या करेंगे । अधिकार पाने के बाद क्या करेंगे । व्यंग्यात्मक एकांकी है ।

सारांश

एकांकी का प्रारंभ और अंत सेठजी से होता है। सेठजी असेंबली के उम्मीदवार है । प्रातः काल का समय है। सेठ साहब अपना ड्राइंग रूम में बैठे हुए हैं। सेठ अपनी जीत के लिए बडी सी बड़ी कोशिश कर रहा है । कल एक जलसा रखा था । जलसे में मंत्री जी आये । मंत्री सेठजी के बारे में भाषण दिया । वही मंत्री अभी सेठजी को फोन करते है । सेठजी, मंत्रीजी से कोन मे बात कर रहे हैं । “मंत्रीजी कल आप मेरे पक्ष में भाषप दिये । सब लोग आपकी बातें सुनकर मुझे वोट देने को तैयार हो गए है’ ” आप को बहुत धन्यवाद ।

TS Inter 1st Year Hindi Study Material Chapter 3 अधिकार का रक्षक

सेठजी मंत्रीजी से कहते है कि मै गरीबों का उद्धार करने के लिए तैयार हूँ । अपना सारा जीवन गरीबों की सेवा में लगा दिया । इतना ही नहीं बच्चों के लिए भी बहुत कुछ करने तैयार हूँ । हमारे प्रांत में मै ही ऐसा व्यक्ति हूँ जिसने पाठशालाओं में शारीरिक दंड तत्काल बंद करने पर जोर दिया । बच्चों की लालन-पालन, शिक्षा सब कितनी पुरानी पद्धति का है ।

बात-बात पर डाँट फटकार कर रहे हैं। मै (सेठजी) सबकुछ बदलना चाहता हूँ। जब मंत्रीजी से फोन में बातें करते समय सेठजी के छोटे बेटे आकर कुछ बोलने का प्रयास करता है । सेठजी टेलीफोन का चोंगा मेज पर रखकर बच्चे को थप्पड़ लगाते हैं । सेठजी अपना नौकर रामलखन को आवाज़ लगाते है । भागता हुआ नौकर आता है । छोटे बाबु बलराम को यहाँ से लेजाओ । मै मंत्री से बात कर रहा हूँ । यहाँ आकर नालायक शोर मचा रहा है। रामलखन लड़के का हाथ पकड़कर बाहर ले आता है ।

‘टेलीफोन’ में बातें बच्चों के बारे में कहते हैं। शारीरिक दंड तत्काल बंद करवाना चाहता है । लेकिन अपने बच्चे को इधर मारता है” । बाद में टेलीफोन में बातें करना खतम हो जाता है। रामलखन अंदर आकर सेठजी से कहता है कि – सफाई करने वाली अपनी मजदूरी माँग रही है । उसी समय रसोइया भी आकर पैसे माँगती है । सेठजी कहते हैं कि “बाद में पैसा दूँगा । अब तुम दोनों बाहर जाओं” । तब रसोइया भगवती पूछती है कि “मै अपने बच्चों को कहाँ से खिलाऊँ” । कृपा करके मज़दूरी दीजिए । क्रोध से सेठजी कहते है जाओ, यहाँ से जाओ अगले महीने दूँगा । लेकिन मजदूरी लेने के बिना भगवती वहाँ से जाना नही चाहती । सेठ उस की मुँह पर दो रुपये फेंकते है । दी रुपये लेने से इनकर करती है । सेठ भगवती को पीटते हुए बाहर धकेलता है । रामलखन अखबार लाता है ।

मंत्री (होज़री यूनियन) सेठजी को फोन करता है । सेठ “मंत्री जी से नमस्कार कहकर कहते है कि मै आपका अत्यंत आभारी हूँ” । मै ( सेठजी) असेंबली में जाते ही मजदूरों की अवस्था सुधारने का प्रयास करूँगा । “मजदूरों की माँग पूरी करवाऊँगा । काम के घंटे तय होंगे और तनख्वाह भी समय पर देने का और दिलवाने का प्रयास करूँगा । “धन्यवाद कहकर टेलीफोन मेज़ पर रखता है ।

सेठ अभी मज़दूरी न देकर रामदेई और भगवती को भेज़ देता है। लेकिन फोन में कैसे कैसे बातें किया। बोलते कुछ और करते कुछ ।

दरवाजा खुलता है । दुबले – पतले, आँखो पर चश्मा लगाए संपादक भीतर आते हैं । सेठ समाचार पत्र देख रहा है । संपादक सेठजी से यह बात कहता है कि – “मेरी आँखे बहुत खराब हो रही हैं”। रात को रोज़ दो-तीन बज जाता लेकिन काम पूरा नही हो रहा है । कृपा : करके सहायक संपादक का प्रबंध कीजिए । सेठजी कहते है कि – “पाँच रुपए तनख्वाह बढ़ा दूँगा । पूरा काम आप को ही संभालना होगा” । संपादक कहता है कि स्वास्थ्य इजाज़त नहीं देता । सेठ बोलते है कि काम छोडना चाहे तो छोडो । नया संपादक आयेगा ।

रामलखन भीतर आकर सेठजी से कहता है कि आप से मिलने विश्वविद्यालय से लड़के आये, आप चाहे तो अंदर भेज दूँ । सेठजी अंदर भेजने के लिए कहते है । लडकों अंदर प्रवेश करते हैं, सेठजी से नमस्ते कहते हैं और सब छात्र आप को ही वोट देने के लिए सोच रहे हैं । सेठजी बहुत संतुष्ट हो जाते है। उन दो लड़कों में एक लड़का सेठजी से कहता है कि प्रिंसिपल को हम हटाने चाहते हैं क्यों कि वे बहुत अनुशासनप्रिय और कठोर स्वभाव के हैं। सेठजी लड़कों को संपादक के पास जाकर बयान देने को कहते हैं । लड़के बयान देकर चले जाते हैं । संपादक सेठजी बोलते हैं कि प्रिंसिपल को हटाना इस समय ठीक नही है । चुनाव हो जाने के बाद सोचेंगे ।

श्रीमती सेठ दरवाजे धक्का मारते अंदर आकर पूछती है कि बच्चे को देखो । गाल पर उँगलियों के निशान पड़ गए है। ऐसा मारते क्या ? सेठ जवाब नही देता और सेठानी को बाहर जाने की आज्ञा देता है ।

TS Inter 1st Year Hindi Study Material Chapter 3 अधिकार का रक्षक

श्रीमती सेठ कहती हैं कि तुम बाप नही, दुश्मन हैं। अपने बच्चों को देखना नही आता लेकिन दूसरों के बच्चों से प्रेम करेंगे। मै अभी मायके जाऊँगी कहकर कमरे से बाहर रोती हुई आती है । तेज़ी से बच्चे को लेकर जाती है । दरवाज़ा ज़ोर से बंद होता है। फ़ोन फिर बजता है । श्रीमती सरला देवी जी से मधुर स्वर में सेठ बातें करना शुरु करता है । सेठजी सरला जी से पूछते है कि – “महिला समाज मुझे वोट देने के लिए तैयार है क्या ? मै कुछ आशा रखूँ क्या ?” “आप विश्वास रखे, महिलाओं के हितों की मै पूरी रक्षा करूँगा। महिलाओं के अधिकारों के लिए लडूंगा । मुझ से बढ़िया रक्षक आपको वर्तमान उम्मीदवारों में और कोई न मिलेगा “। इस से एकांकी समाप्त हो जाती है ।

सेटजी अभी अपनी पत्नी को धकेलता है; ज़रा भी इज्जत नही देता लेकिन महिलाओं के लिए कुछ भी करने का तैयार हो रहा है” । वायदेपर वायदे करते हैं कि हम यह करेंगे और वह करेंगे । यही चुनाव के समय नेताओं के वोट माँगने का विधान है ।

विशेषताएँ :

  1. नेता गण चुनाव के समय अनेक प्रकार के व्यूह रचते हैं ।
  2. जनता के साथ चुनाव के समय विनम्र से बातें करते हैं ।
  3. जगह-जगह पर नेता लोग अपनी विशिष्ट पोशाक पहनकर वोट की भिक्षा माँगते फिरते हैं ।
  4. इस एकांकी में सेठजी के चरित्र से हमें पता चलता है कि नेता कहते कुछ और करते कुछ । कभी उन पर यकीन न करना
  5. नेताओं में बहुत से लोग योग्य नही हैं ।

अधिकार का रक्षक Summary in Telugu

సారాంశము

ఈ పాఠం ఒక ఏకాంకిక. (ఏకాంకిక లేదా లఘు నాటికలో తక్కువ పాత్రలు తక్కువ దృశ్యాలతోనే ఒకే రంగస్థల నేపథ్యంలో కథాగమనం సాగుతుంది). నాటకం పెద్దది పైగా అనేక దృశ్యాలు అనేక నేపథ్యాలు ఉండవచ్చు. ఈ ఏకాంకిక వ్రాసింది ఉపేంద్రనాథ్ అశ్క గారు. అశ్క గారు కథలు, నాటకాలు, సినీరంగానికి పాటలు వ్రాసినటువంటి వ్యక్తి. 1972లో సోవియత్ లైండ్ నెహ్రూ పురస్కారంతో సన్మానించిరి. ప్రస్తుతం ఈ నాటకంలో ఎన్నికల సమయంలో రాజకీయ నాయకులు ఎలా ఉంటారు. అధికారం పొందిన తరువాత ఎలా ఉంటారు అనే విషయం గురించి వ్యంగ్యాత్మకంగా వ్రాసిరి.

నాటకం ప్రారంభం మరియు అంతం ఒక సేతో ఉంటుంది. సేర్ అసెంబ్లీ ఎన్నికలలో పోటీ చేసే ఒక అభ్యర్ధి. నాటకం సమయం ఉదయం. సేఠ్ తన డ్రాయింగ్ రూములో కూర్చుని ఉన్నారు. తను ఎన్నికలలో ఎలా గెలుపు పొందాలి అని వ్యూహరచనలు చేసుకుంటున్నాడు. ఫోన్ మ్రోగుతుంది.

ఫోనులో మంత్రిగారు సేర్ని ఉద్దేశించి నిన్న సభ గురించి నీ అభిప్రాయం చెప్పమంటారు. నిన్న సేఠ్ ఒక పార్టీ (వేడుక) మీటింగ్ పెట్టగా మంత్రిగారు సేఠ్ గురించి గొప్పగా చెబుతారు. తమరి ఉపన్యాసం విన్న వారందరూ నాకు ఓటు వేయడానికి సిద్ధముగా ఉన్నారని సేఠ్ మంత్రితో చెబుతాడు. తమరికి నా ధన్యవాదములు.

సేఠ్ మంత్రితో ఇలా చెబుతున్నాడు. నేను పేదలకోసం, వారి శ్రేయస్సు కోసం కష్టపడేవాడిని. అంతేకాక పిల్లల గురించి చాలా మార్పులు తేవాలని అనుకుంటున్నాను. మా ప్రాంతంలో ఏ పాఠశాలలో కూడా పిల్లలపై చెయ్యి వేయరాదని తీర్మానం చేశాను. ఎవ్వరు పిల్లలను మానసికంగా దండించకూడదని చెప్పాను. మన పిల్లల పెంపకంలో చాలా మార్పులు తేవాలి.

అందరూ పాత పద్ధతులను అవలంభిస్తున్నారు అని మాట్లాడుతూ ఉండగా సేర్ చిన్న కొడుకు లోపలికి వచ్చి తండ్రితో ఏదో చెప్పబోతుండగా తండ్రి అనగా షేర్ గట్టిగా ఒక దెబ్బవేసి పనివాడైన రామలఖనన్ను పిలిచి బయటకి పంపివేస్తాడు. ఫోనులో పిల్లలకు దండన విధించరాదని పలికే సేఠ్ తన కొడుకుని స్వయంగా కొడతాడు. తర్వాత ఫోనులో మంత్రితో సంభాషణ పూర్తి అవుతుంది.

పనివారు, వంటవారు అనగా భగవతి మరియు రామవి సేఠ్ వద్దకు వచ్చి తమ జీతం ఇవ్వమనగా వచ్చే నెలలో తీసుకోమని అరుస్తూ సమాధానం చెబుతాడు. భగవతి తనకు, తన పిల్లలకు తినడానికి డబ్బు లేదు దయచేసి ఇవ్వండి అని అడుగగా రెండు రూపాయలు ముఖాన కొట్టి పో అని గద్దిస్తాడు. భగవతి ఆ డబ్బు తీసుకోడానికి అంగీకరించదు. గట్టిగా మెడపట్టి ఆ స్త్రీని సేఠ్ బయటకు తోసేస్తాడు. రామలఖన్ని పలిచి మరల లోపలికి పంపకు అని చెబుతాడు.

TS Inter 1st Year Hindi Study Material Chapter 3 अधिकार का रक्षक

మరలా ఫోన్ మ్రోగుతుంది. ఈ సారి హోజరి యూనియన్ మంత్రి ఫోనులో సేత్తో మాట్లాడుతున్నాడు. నేను ఎల్లప్పుడు ఋణబద్ధుడను దయచేసి నన్ను ఎందుకు జ్ఞాపకం చేసుకున్నారో తెలపవలసిందిగా కోరతాడు. మంత్రితో కార్మికుల కష్టాలు, వేతనాలు గురించి అసెంబ్లీలో పోరాడతానని చెబుతాడు. అంతకు ముందే ఇంటి పనివారికి జీతం ఇవ్వకుండా కొట్టిన వ్యక్తి ఎలాంటి మాటలు చెబుతున్నాడు. ధన్యవాలు తెలిపి ఫోను పెట్టేస్తాడు.

గది తలుపులు తీసుకొని తన సంపాదకుడు లోపలికి వస్తాడు. అతను చాలాకాలం నుండి సేఠ్ వద్దనే పనిచేస్తున్నాడు. ‘సేత్తో తను పనిచేసే సమయం ఎక్కువగా ఉంది. సహాయంగా వేరే వ్యక్తిని నియమించమని కోరగా `సేఠ్ కొత్త సంపాదకుని నియమించను. నువ్వే పని అంతా చేయి, లేకపోతే మానివేయి అంటాడు. ఇంతలో విశ్వవిద్యాలయం నుండి ఇద్దరు అబ్బాయిలు వచ్చి విద్యార్థుల ఓట్లన్నీ మీకే అని చెబుతారు.

తమ విశ్వవిద్యాలయంలో ప్రిన్స్పాల్ని మార్చమనగా సరే చూద్దామని చెప్పి వారిని పంపిస్తాడు. కాని ప్రిన్స్పాల్ని మార్చే ఉద్దేశ్యం లేదు. అంతలోనే నేర్ భార్య లోపలికి వచ్చి పిల్లవాడిని కొట్టినందుకు సంజాయిషీ అడుగుతుంది. సేర్ ఆమెను కసురుకొని బయటికి పొమ్మని అరవగా ఆమె తన పుట్టింటికి వెళ్ళిపోతానని చెప్పి వెళ్ళిపోతుంది.

మరల ఫోను మ్రోగుతుంది. శ్రీమతి సరళాదేవి మహిళా సంఘ నాయకురాలితో మాట్లాడగా ఆమె మహిళల ఓట్లు సేక్కే పడతాయని చెబుతుంది. తను గెలిస్తే తప్పక స్త్రీని ఉద్దరించే కార్యక్రమాలు చేస్తానని వాగ్దానం చేస్తాడు. ఎన్నికల సమయంలో ఎన్నో వాగ్దానాలు చేస్తారు. కాని అవి అన్నీ అబద్దమే. నాయకులు మాటలలో ఒకటి చేతలలో మరొకటి చేస్తారు అని వ్యంగ్యంగా రచయిత తెలిపారు.

कठिन शब्दों के अर्थ

अधिकार = Power, Authority, అధికారం
रक्षक = Saviour, Protector, రక్షకుడు
उम्मीदवार = A candidate for election, ఎలక్షనులో నిలబడే వ్యక్తి
रसोइया = Cook, వంట.
भाषण = Conversation, Speech, ఉపన్యాసం.
लालन-पालन = Bringing up, పెంచి పెద్దచేయి, పోషించుట.
शिक्षा = Education, శిక్ష
डरपोक = Timid person, పిరికివాడు
दब्बू = Henpecked, Submissive, లొంగి ఉండు.
चोंगा = Funnel, Cylindrical tube, గరాటు, రిసీవర్
शोर = Noise, అల్లరి
चांटा मारना = Slap, Fetch, చెంపదెబ్బ వేయుట.
पिटाई = Beating, కొట్టుట

TS Inter 1st Year Hindi Study Material Chapter 3 अधिकार का रक्षक

शारीरिक दंड = Corporal punishment, శారీరక దండన.
अत्याचार = Victimization, Atracity, దురాగతం
जलसा = Celebration, festival, వేడుక
मजदूरी = Labour, కార్మిక
लापरवाह = Careless, అజాగ్రత్త
हज़म करना = To digest, జీర్ణించుకొనుట
धकेलना = Hustle, గొడవ, లాగుట, గట్టిగా బయటకు లాగుట.
हलचल = Stir, Scrabble, fluster, ప్రకంపనలు.
अखबार = Newspaper, వార్తాపత్రిక
संपादक = Editor, సంపాదకుడు
वक्तव्य = Statement, వాజ్ఞూలము, చెప్పినమాట
विश्वविद्यालय = University, విశ్వవిద్యాలయం.
अनुशासन = Discipline, క్రమశిక్షణ.
हड़ताल = Strike, సమ్మె.
सदस्य = Member, సభ్యుడు
चुनाव = Selection, choice, election, ఎన్నుకొనుట
धक्का मारना = To dash, గట్టిగా లాగు, దెబ్బ, కొట్టుట.
निशान = Mark, signal, గుర్తుగల.
फोड़ देना = To break, to split, పగలగొట్టుట, బద్దలవుట.
पागल = A fool, idiot, పిచ్చి, మూర్ఖుడు.
कर्कश आवाज = Rasp voice, hard voice, కర్కశమైన గొంతు
मधुर आवाज = Sweet voice, తీయని గొంతు.
तबीयत = Health, ఆరోగ్యం.

TS Inter 1st Year Hindi Grammar बोधक गद्यांश

Telangana TSBIE TS Inter 1st Year Hindi Study Material Grammar बोधक गद्यांश Questions and Answers.

TS Inter 1st Year Hindi Grammar बोधक गद्यांश

‘बोधक’ का अर्थ है – पढकर समझा गया। यहाँ नीचे कुछ गद्यांश दिए गए हैं । ये गद्यांश उपवाचक पाठों से लिये गए हैं । प्रत्येक उपवाचक पाठ से एक – एक अनुच्छेद लिया गया है । प्रत्येक अनुच्छेद के नीचे पाँच – पाँच प्रश्न पूछे गए हैं। अतः इन प्रश्नों के उत्तर गद्यांश को अच्छी तरह से पढ़कर, समझकर देने पड़ते हैं । नीचे दिए गए गद्यांशों का प्रश्नोत्तर रूपी अभ्यास इस प्रकार हैं ।

1. नीचे दिया गया अनुच्छेद पढ़िए। प्रश्नों के उत्तर एक वाक्य में दीजिए ।

बारहवी कक्षा की बोर्ड परीक्षा समाप्त हो गई और रिज़ल्ट आने । में दो महीने का समय था । कारखाने में भरती पूरे जोश में थी । गाँव के दूसरे नौजवान कारखाने में भरती हो रहे थे। लोकिन रवीन्द्र ने अपना लक्ष्य आई.ए.एस रख लिया था, वह नौकरी के लिए तैयार नहीं था। घर में खाली बैठे पुत्र को कोई बरदाश्त नहीं करता हैं । उसे घर देख माँ ने पिता से कहा, “अजी सुनते हो, गाँव के सारे लड़के कारखाने में भरती हो रहे हैं। अपना रवी घर पड़ा है, कुछ बात करो उससे । अपना रवी तो. प्रक्षम आता है । बेल लड़के सारे भरती हों गए हैं, सुना है पाँच – पाँच हजार रूपये महीना तनखाह मिल रही है, इसको तो अधिक तनखाह मिलेगी ।”

प्रश्न 1.
किस परीक्षा के परिणाम आने में दो महीने समय था ?
उत्तर:
बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा के परिणाम आने में दो महीने का समय भा ।

प्रश्न 2.
रवींद्र क्या बनना चाहता था ?
उत्तर:
रवींद्र आई.ए.एस बनना चाहता था ।

प्रश्न 3.
रवींद्र क्या नहीं करना चाहता था ?
उत्तर:
रवींद्र कारखाने में नौकरी नहीं करना चाहता था ।

TS Inter 1st Year Hindi Grammar बोधक गद्यांश

प्रश्न 4.
कारखाने में कितना वेतन मिल रहा है ?
उत्तर:
कारखाने में पाँच हजार रूपये वेतन मिल रहा है ।

प्रश्न 5.
इस गद्यांश के लेखक का नाम क्या है ?
उत्तर:
इस गद्यांश के लोखक का नाम मनमोहन भाटिया है ।

2. नीचे दिया गया अनुच्छेद पढ़िए । प्रश्नों के उत्तर एक वाक्य में दीजिए ।

बाबा भारती ने घोड़े से उतरकर अपाहिज को घोड़े पर सवार किया और स्वयं उसकी लगाम पकड़कर धीरे धीरे चलने लंगे । सहसा उन्हें एक झटका – सा लगा और लगाम हाथ से छूट गई । उनके आश्चर्य का ठिकाना न रहा । जब उन्होंने देख । कि अपाहिज घोड़े की पीठ पर तनकर बैठा है और घोड़ को दौड़ाए लिए जा रहा है । उनके मुख से भय, विस्मय और निराशा से मिली हुई चीख निकल गई । वह अपाहिज डाकू खड़ग था । बाबा भारती कुछ देर तक चुप रहे और कुछ समय पश्चात कुछ निश्चय करके पूरे बल से चिल्लाकर बोले, “जरा ठहर जाओ ।”

प्रश्न 1.
घोड़े के साथ कौन धीरे धीरे चलने लगे ?
उत्तर:
घोड़े के साथ बाबा भारती धीरे – धीरे चलने लगे ।

प्रश्न 2.
वास्तव में अहाहिज कौन था ?
उत्तर:
वास्तव में अपाहिज ड़ाकू खड़गसिंह था ।

प्रश्न 3.
चीख कैसी थी ?
उत्तर:
चीख भय, विस्मय और निराशा वाली थी ।

TS Inter 1st Year Hindi Grammar बोधक गद्यांश

प्रश्न 4.
अपाहिज खड़गसिंह को किसने ठहरने के लिए कहा ?
उत्तर:
अपाहिज खड़गसिंह को बाबा भारती ने ठहरने के लिए कहा ।

प्रश्न 5.
यह अनुच्छेद किस पाठ से लिया गया है ?
उत्तर:
यह अनुच्छेद हार की जीत पाठ से लिया गया है ।

3. नीचे दिया गया अनुच्छेद पढ़िए । प्रश्नो के उत्तर एक वाक्य में दीजिए ।

यह नितांत एक मूर्खता है कि हम प्रगति के नाम पर अपने वनों को नष्ट कर रहे हैं और अपने पारिस्थितिक संतुलन को बिगाड़ रहे हैं। व्यापक स्तर की दूरगामी योजनाओं के अभाव में शहरीकरण ने अनेक शहरी तथा उपशहरी क्षेत्रों को व्यावसायिक जंगलों में बदल दिया है । जमीन के इस गलत उपयोग का एक गंभीर परिणाम हैं विभित्र प्रकार के जीवों की समाप्ति । शहरों की वृध्दि, कृषि के प्रसार, बाधों के निर्माण तथा वनों के विनाश से जंगली जीवों के आवास नष्ट हुए हैं। जीवों की बहुत सी प्रजातियों और उपप्रजातियों के विलुप्त होने का खतरा उन्पन हो गया है ।

प्रश्न 1.
वनों को काटना कैसा काम है ?
उत्तर:
वनों को काटना मूर्खता वाला काम है ।

प्रश्न 2.
यहाँ किस संतुलन के बारे में चर्चा हो रही है ?
उत्तर:
यहाँ पारिस्थितिक संतुलन के बारे में चर्चा हो रही है ।

प्रश्न 3.
किसके गलत उपयोग से गंभीर परिणाम होते हैं ?
उत्तर:
जमीनो के गलत उपयोग से गंभीर परिणाम होते हैं ।

TS Inter 1st Year Hindi Grammar बोधक गद्यांश

प्रश्न 4.
किनके आवास नष्ट हुए हैं ?
उत्तर:
जंगली जीवों के आवास नष्ट हुए हैं ।

प्रश्न 5.
इस. अनुच्छेद के लेखक का नाम क्या है ?
उत्तर:
इस अनुच्छेद के लेखक नाम एटनिवासकम है।

4. नीचे दिया गया अनुच्छेद पढ़िए । प्रश्नों उत्तर एक वाक्य में दीजिए ।

दूसरे दिन छोटू के पापा काम पर चले गए। देखा तो कंट्रोल रूम का वातावरण बदला-बदला सा था । शिफ्ट खुत्म कर घर जा रहे स्टाफ के प्रमुख ने टी.वी. स्क्रीन की तरफ इशारा किया । स्क्रीन पह एक बिंदु झलक रहा था । वह बताने लगा, “यह कोई आसमान का तारा नहीं है । क्यों कि कंप्यूटर से पता चल रहा है कि यह अपनी जगह अडिग नहीं रहा है । पिछले कुछ घंटों के दौरान इसने अपनी जगह बदली है। कंप्यूटर के अनुसार यह हमारी धरती की तरफ बढ़ता चला आ रहा है ।

प्रश्न 1.
किसके पापा काम पर चले गए ?
उत्तर:
छोटू के पापा काम पर चले गए ।

प्रश्न 2.
कहाँ का वातावरण बदला-बदला सा लगा रहा था ?
उत्तर:
कंट्रोल रूम का वातावरण बदला बदला – सा लग रहा था ।

प्रश्न 3.
स्टाफ के प्रमुख ने किसकी और इशारा किया ?
उत्तर:
स्टाफ के प्रमुख ने टी.वी. स्क्रीन की ओर इशारा किया ।

TS Inter 1st Year Hindi Grammar बोधक गद्यांश

प्रश्न 4.
धरती की ओर क्या बढ़ता चला आ रहा है ?
उत्तर:
धरती की ओर एक बिंदु बढता चला आया रहा है ।

प्रश्न 5.
यह अनुच्छेद किस पाठ से लिया गया है ?
उत्तर:
यह अनुच्छेद ‘पार नज़र के पाठ से लिया गया है ।

5. नी दिया गया अनुच्छेद पढ़िए । प्रश्नों के उत्तर एक वाक्या में दीजिए ।

जैसे- जैसे मेरे खेल में निखार आता गया, वैसे वैसे मुझे तरक्की भी मिलती गई । 1936 ई. में बर्लिन ओलिंपिक में मुझे टीम का कप्तान बनाया गया । उस समय मैं सेना में लांस नायक था । बर्लिन ओलंपिक में लोग मेरे हाँकी खेलने के ढंग से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने मुझे हाँकी का जादूगर कहना शुरू कर दिया ! इसका यह मतलब नहीं कि सारे गोल मैं खुद ही करता था । मेरी तो हमेशा यह कोशिश रहती कि मैं गेंद को गोल के पास ले जाकर अपने किसी साथी खिलाड़ी को दे दूँ ताकि उसे गोल करने का श्रेय मिल जाए। अपती उसी खेल भावना के कारण मैंने जर्मनी के तानशाह हिटलर तक का दिल जीत लिया था ।

प्रश्न 1.
बर्लिन में ओलंपिक्स खेल कब हुए ?
उत्तर:
बर्लिन में ओलंपिक्स – 1936 ई. में हुए

प्रश्न 2.
‘हाँकी का जादूगर’ किसे कहा जाता है ?
उत्तर:
‘हाँकी का जादूगर ध्यान चंद को कहा जाता है ।

प्रश्न 3.
साथी खिलाड़ी को क्या देने की बाता हो रही है ?
उत्तर:
साथी खिलाड़ी को गेंद देने की बात हो रही है ।

TS Inter 1st Year Hindi Grammar बोधक गद्यांश

प्रश्न 4.
हिटलर का दिल कैसे जीता गया ?
उत्तर:
हिटलर का दिल खेल भावना से जीता गया ।

प्रश्न 5.
इस अनुच्छेद के लोखक का नाम क्या है ?
उत्तर:
इस अनुच्छेद के लेखक का नाम योगराज थानी है।

6. नीचे दिया गया अनुच्छेद पढ़िए । प्रश्नों के उत्तर एक वाक्य में दीजिए ।

अपने निर्माण के दौर में टीमें बच्चों की तरह री होती हैं । वे एकदम उत्तेजनशील, ओजस्विता, उत्साह एवं उत्सुकता से भरपूर और अपने को विशिष्टा दिखाने की इच्छा लिये होती हैं। हालाँकि बहकाए हुए अभिभावक अपने व्यवहार से इन बच्चों की सकारात्मक विशेषताओं, गुणों को नष्ट कर सकते हैं। टीमों की सफलता के लिए काम का माहौल ऐसा होना चाहिए जो कुछ नया करने का अवसर प्रदान करे। डी.टी.डी.एंड. पी. (एयर), इससे डी. आर. डी. ओ और दूसरी जगहों पर काम करने के दौरान मैं ने ऐसी चुनौतियों का मुकाबला किया है। लेकिन अपनी टीमों को हमेशा ऐसा माहौल देना सुनिश्चित किया जिसमें वे कुछ नया कर सकें और जोखिम उठा सके ।

प्रश्न 1.
टीमें किनकी तरह होती है ?
उत्तर:
टीमें बच्चों की तरह होती है।

प्रश्न 2.
बच्चों की विशेषताएँ कैसी होती हैं ?
उत्तर:
बच्चों की विशेषताएँ सकारात्मक होती हैं

प्रश्न 3.
टीमों को कैसा अवसर देना चाहिए ?
उत्तर:
टीमों को कुछ नया करने का अवसर देना चाहिए ।

TS Inter 1st Year Hindi Grammar बोधक गद्यांश

प्रश्न 4.
यहाँ किन संस्थाओं के नाम बताए गए हैं ?
उत्तर:
यहाँ डी. टी. डी. एड. पी. ( एयर), इससे डी.आर.डी.ओ के नाम

प्रश्न 5.
यहाँ ‘मैं ने’ शब्द का उपयोग किसके लिए हुआ है ?
उत्तर:
यहाँ मैं ने शब्द का उपयोग ए. पी. जे. अब्दुल कलाम के लिए हुआ है ।

7. नीचे दिया गया अनुच्छेद पढ़िए । प्रश्नों के उत्तर एक वाक्य में दीजिए ।

संध्या के समय हम नौका दोड़ देखने गए । आरत्मुला नामक स्थान पर नौका दौड़ का आयोजन था । लंबी-लंबी नौकाओं में तीस-चालीस नाविक बैठे हुए थे। वे गीत गाते हुए बड़ी तेज़ी से चप्पू चलाकर एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ में थे । कभी कोई नाव आगे निकल जाती तो कभी कोई । तट पर खड़े लोग तालियाँ बजा-बजाकर नाविकों का उत्साह बढ़ा रहे थे। जीते हुए नाविकों को फूल-मालाएँ पहनाई गई । हमें इस प्रतियोगिता को देखने में बहुत आनंद आया ।

प्रश्न 1.
नौका दौड़ कहाँ आयोजित हुई ?
उत्तर:
आरत्मुला नामक स्थान पर नौका दौड़ हुई ।

प्रश्न 2.
नौकाएँ कैसी हैं ?
उत्तर:
नौकाएँ लंबी लंबी हैं।

प्रश्न 3.
वे नौका दौड़ देखने कब गये ।
उत्तर:
संध्या के समय वे नौका दौड़ देखने गये ।

TS Inter 1st Year Hindi Grammar बोधक गद्यांश

प्रश्न 4.
जीते हुए नाविकों को क्या पहनाई गई ?
उत्तर:
जीते हुए नाविकों को फूल-मालाएँ पहनाई गई ।

प्रश्न 5.
तट पर खड़े लोग नाविकों को कैसे उत्साह बढ़ा रहे हैं ?
उत्तर:
तट पर खड़े लोग तालियाँ बजा-बजाकर नाविकों को उत्साह बढ़ा रहे हैं ।

8. नीचे दिया गया अनुच्छेद पढ़िए । प्रश्नों के उत्तर एक वाक्य में दीजिए ।

सुनिता घास लेकर घर जा रही थी । उसके साथ माँ भी थी । रास्ते में रेल की पटनी थी । वहाँ से रेलगाड़ी के निकलने का समय हो गया था। सुनीता और उसकी माँ पटरी के पास रूक गयीं। तभी सुनीता की नज़र रेल की पटरी पर पड़ी। उसे वह पटरी टूटी हुई लगी । सुनीता की माँ पटरी देखकर बोली – “यह पटरी तो टूटी है ।” दोनों इधर-उधर देखने लगीं। रेलवे स्टेशन भी वहाँ से बहुत दूर था ।

प्रश्न 1.
कौन घास लेकर घर जा रही थी ?
उत्तर:
सुनीता घास लेकर घर जा रही थी ।

प्रश्न 2.
रास्ते में क्या थी ?
उत्तर:
रास्ते में रेल की पटरी थी ।

प्रश्न 3.
रेल की पटरी कैसी लगी ?
उत्तर:
रेल की पटरी टूटी हुई लगी ।

TS Inter 1st Year Hindi Grammar बोधक गद्यांश

प्रश्न 4.
रेलवे स्टेटन वहाँ से कितने दूर था ?
उत्तर:
रेलवे स्टेशन वहाँ से बहुत दूर था ।

प्रश्न 5.
सुनीता की नज़र किस पर पडी ?
उत्तर:
सुनीता की नज़र टूटी हुई रेल की पटरी पर पड़ी ।

TS Inter 1st Year Hindi Grammar काल

Telangana TSBIE TS Inter 1st Year Hindi Study Material Grammar काल Questions and Answers.

TS Inter 1st Year Hindi Grammar काल

क्रिया के जिस रूप से किसी कार्य के होने या करने के समय का बोध हो उसे काल कहते हैं ।
काल के तीन भेद होते हैं ।

  1. भूतकाल
  2. वर्तमान काल
  3. भविष्यत काल्

उदाहरण :
वह बोला । (भूत काल )
वह बोलता है । (वर्तमान काल )
वह बोलेगा। (भविष्यत् काल )

1. भूतकाल (Past tense) :
क्रिया के जिस रूप से यह जाना जाय कि क्रिया का व्यापार बीते समय में हुआ है उसे भुतकाल कहते हैं । इसके छ: भेद हैं-

अ) सामान्य भूत काल (simple past tense) : क्रिया के जिस रूप से भुतकाल के किसी विशेष समय का निश्चय नहीं होता ।
जैसे :
मोहन ने पत्र लिखा ।
राम ने सिनेमा देखा ।
मैं ने भोजन किया ।

आ) आसन्न भूत काल (Present Perfect tense) : इससे क्रिया के जिस रूप से क्रिया के व्यापार का समय आसन्न ही समाप्त हुआ समझा जाए उसे ‘आसन्न भूतकाल’ कहते हैं। इसमें सामान्य भूत काल की क्रिया के साथ ‘है’, ‘हैं, ‘हो’ और हूँ आदि लग जाते हैं ।
जैसे :
अ) वह गया है ।
आ) वह सोया है ।

TS Inter 1st Year Hindi Grammar काल

इ) पूर्ण भूत काल (past perfect tense) : क्रिया के जिस रूप से यह प्रकट हो कि उसके व्यापार को समाप्त हुए बहुत काल बीत चुका है वह पूर्ण भूतकाल कहलाता है। जैसा – मोहन आया था, मैं ने पत्र लिखा था, वे मेला देखने गये थे । इसमें सामान्य भूतकाल की क्रिया के साभ लिंग और वचन के अनुसार ‘था’, ‘थे’, ‘थी’ आदि लग जाते हैं ।

ई) अपूर्ण भूतकाल (Past Imperfect or continuous tense) : क्रिया के जिस रूप से यह जाना जाय कि क्रिया भूतकाल में हो रही थी, किन्तु उसकी समाप्ति का पता न चले, वह ‘अपूर्ण भूतकाल’ कहलाती है । इसमें मूल धातु के साथ लिंग और वचन के अनुसार ‘ता था’, ‘ते थे’, रहा था, रही थी, आदी भी लग जाते हैं ।
जैसे :
लड़का गाता था । (पुं. एक वचन)
लड़के गाते थे । (पुं. बहुवचन)
लड़की गाती थी । (स्त्री एक वचन )
‘लड़कियाँ गाती थी । (स्त्री . बहु वचन)

उ) सन्दिग्ध भूतकाल (Doubtful past tense) : क्रिया के जिस रूप से भुतकाल तो प्रकट हो, किन्तु क्रिया के होने में सन्देह हो उसे ‘सन्दिन्ध भूतकाल’ कहते हैं ।
जैसे :
अ) राम ने पत्र लिखा होगा ।
आ) वह पहुँच गया होगा ।
उसमे सामात्य भूतकाल की क्रिया के साथ लिंग और वचन
के अनुसार होगा, होगी, होंगे, होंगी आदि लगाते हैं।
जैसे :
लड़का आया होगा । (पुं. एक वचन)
लड़के आये होंगे । (पुं. बहु वचन)
लड़की आयी होंगी। (स्त्री. एक वचन)
लड़कीयाँ आयी होंगी । (स्त्री. बहु वचन)

TS Inter 1st Year Hindi Grammar काल

ऊ) हेतु हेतु मद् भुतकाल (conditional past tense) : क्रिया के जिस रूप से यह पाया जाय कि कार्य भूतकाल में होना संभव था किन्तु किसी कारण से न हो सका उसे हेतु हेतु मद् भूतकाल कहते हैं ।
जैसे :
अ) यदि वह परिश्रम करता तो परीक्षा में उत्तीर्ण हो जाता ।
आ) यदि आप आ जाते तो काम अवश्य हो जाता । धातु के आगे कर्ता के लिंग और वचन के अनुसार ‘ता’, ‘ते’ और ‘ती’, लगाने से हेतु हेतु मदं भूतकाल की क्रिया बनती है।

2. वर्तमान काल (Present tense) :
क्रिया के जिस रूप से यह पाया जाए कि क्रिया वर्तमान समय में होती है । उसे वर्तमान काल कहते हैं ।
अ) राम पढ़ता है ।
आ) राम पढ़ रहा है ।
इ) राम पढ़ रहा होगा ।

वर्तमान काल के तीन भेंद हैं ।

  1. सामात्य वर्तमान काल (simple present tense)
  2. संदिग्ध वर्तमान काल (Doubtful present tense)
  3. अपूर्ण तात्कालिक वर्तमान काल (Present continuous tense)

1) सामान्य वर्तमान काल (Simple present tense) : क्रिया का वह रुप जिस से साधारण रूप से क्रिया का वर्तमान काल में होना पाया जाय, सामान्य वर्तमान काल कहा जाता है ।
जैसे :
अ) राम पढता है ।
आ) सीता लिखती है ।
इ) बालक स्कूल जाता है ।
धातु के साथ कर्ता के लिंग और वचन के अनुसार ता हूँ, हूँ, ते हैं आदि लगाने से सामान्य वर्तमान काल की क्रिया बनती हैं ।
धातु के साथ कर्ता के लिंग और वचन के अनुसार ता हूँ, ती हूँ, ते हैं आदि लगाने से सामान्य वर्तमान काल की क्रिया बनती है ।
जैसे :
मैं पढ़ता हूँ । (पुं. एक वचन )
हम पढ़ते हैं । पुं. बहु वचन)
मैं पढ़ती हूँ । (स्त्री. एक वचन)
हम पढ़ती हैं । (स्त्री बहु वचन)

2) संदिग्ध वर्तमान काल (Doubtful present tense) : क्रिया का वह रूप जिससे वर्तमान काल की क्रिया के होने में सन्देह पाया जाय, वह संदिग्ध वर्तमान काल कहा जाता है ।
जैसे :
मैं जाता हूँगा ।
हम जाते होंगे ।
क्रिया धातु के साथ कर्ता के लिंग और वचन के अनुसार ता हूँगा, ता होंगी, ती होंगी, ते होंगे आदि लगाने से संदिग्ध वतभमान काल की क्रिया बनती हैं।

TS Inter 1st Year Hindi Grammar काल

3) अपूर्ण (तात्कालिक) वर्तमान काल (Present continuous tense) : क्रिया का वह रूप जिससे यह जाना जाय कि क्रिया का व्यापार अब भी हो रहा है । वह अपूर्ण वर्तमान काल कहा जाता है।
जैसे :
अ) वह जा रहा है ।
आ) मैं पढ रहा हूँ ।
इ) वे खेल रहे हैं ।
क्रिया के धातु के साथ कर्ता के लिंग और वचन के अनुसार रहा है, रही हैं, रहे हैं, रही हैं आदि लगने से अपूर्ण वर्तमान काल की क्रिया बनती है ।

3. भविष्यत् काल (Future tense) :
क्रिया का वह रूप जिससे आनेवाले समय का बोध हो भविष्यत् काल कहा जाता है । भविष्यत् काल में दो भेद हैं ।

  1. सामान्य भविष्यत् (Simple Future Tense)
  2. सम्भाव्य भविष्यत् (Future Subjunctive)

1) सामान्य भविष्यत् (Simple Future Tense) : क्रिया के जिस सामान्य रूप से आनेवाले काल में क्रिया का होना पाया जाए वह सामान्य भविष्यत् काल कहलाता है ।
धातु के साथ कर्ता के लिंग और वचन के अनुसार एगा, एगी, एंगे, ऊँगा, ओगे आदि लगाने से सामान्य भविष्यत् काल की क्रिया बनती है ।
जेसे :
लडका पढ़ता होगा । (पुं. एक वचन)
लडके पढ़ते होंगे । (पुं. बहुवचन)
लडकी पढती होगी (स्त्री. एक वचन)
लडकियाँ पढती होंगी (स्त्री बहु वचन)

TS Inter 1st Year Hindi Grammar काल

2) सम्भाव्य भविष्यत् (Future Subjunctive) : वह है । जिससे भविष्यत् काल में होने वाली क्रिया के विषय में सम्भावना या इच्छा पाई जाए –
जैसे:
सम्भव है आज वर्षा हो ।
शायद आज मेरा मित्र आए ।
सम्भाव्य भविष्यत् काल का प्रयोग सामान्यत: आज्ञा, अनुमति, प्रार्थना, आदेश आदि सुचित करने के लिए होता है ।

अभ्यास

सूचना के अनुसार बदलिए ।

प्रश्न 1.
डाँ. चंद्रा कमजोर नही थी। (वर्तमान काल)
उत्तर:
डाँ. चंद्रा कमजोर नही है ।

प्रश्न 2.
मुझे भैया की आज्ञा का पालन करना है । (भुतकाल)
उत्तर:
मुझे भैया की आज्ञा का पालन करना था । (या)
मैने भैया की आज्ञा का पालन किया ।

प्रश्न 3.
मै खेलता हूँ । (भविष्य काल )
उत्तर:
मै खेलूँगा ।

प्रश्न 4.
मुझे बाज़ार जाना था । ( वर्तमान काल )
उत्तर:
मुझे बाज़ार जाना है ।

प्रश्न 5.
मुझे काम करता होगा । ( भुतकाल )
उत्तर:
मै ने काम किया ।

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प्रश्न 6.
वह पढ़ रहा था । ( वर्तमान काल )
उत्तर:
वह पढ़ रहा है ।

प्रश्न 7.
मैं गाँव जाऊँगा । (भुतकाल )
उत्तर:
मै गाँव गया । ( मै गाँव जा चुका )

प्रश्न 8.
मैं लिखता हूँ। (भविष्यत काल)
उत्तर:
मैं लिखूँगा ।

प्रश्न 9.
वह दिल्ली गया । (वर्तमान काल)
उत्तर:
वह दिल्ली जाता है ।

प्रश्न 10.
मैं खाना पकाता हूँ। (भविष्यत काल)
उत्तर:
मैं खाना पकाऊँगा ।

प्रश्न 11.
मैं फल खरीदता हूँ । (भविष्यत काल)
उत्तर:
मै फल खरीदूँगा ।

प्रश्न 12.
देवी गीत गायेगी । (वर्तमान काल)
उत्तर:
देवी गीत गा रही है ।

प्रश्न 13.
राम स्कूल में नहीं है । (भूतकाल)
उत्तर:
राम स्कूल में नही था ।

TS Inter 1st Year Hindi Grammar काल

प्रश्न 14.
वे मैदान में खेलते हैं। (भविष्यत काल)
उत्तर:
वे मैदान में खेलेंगे ।

प्रश्न 15.
लड़का घर गया । (अपूर्ण वर्तमान काल)
उत्तर:
लड़का घर जा रहा है ।

प्रश्न 16.
प्रेमचन्द उपन्यास लिखते हैं । (पूर्ण भूतकाल)
उत्तर:
प्रेलचन्द ने उपन्यास लिखा था ।

प्रश्न 17.
रवि बाज़ार गया । (अपूर्ण भूतकाल )
उत्तर:
रवि बाज़ार गया होगा ।

TS Inter 1st Year Hindi Grammar वाक्य संरचना, कारक

Telangana TSBIE TS Inter 1st Year Hindi Study Material Grammar वाक्य संरचना, कारक Questions and Answers.

TS Inter 1st Year Hindi Grammar वाक्य संरचना, कारक

అర్ధవంతమైన పద సముదాయాన్నిवाक्य (Sentence) అంటారు. రచన దృష్ట్యా वाक्य నాలుగు రకాలు అవి –

  1. साधारण वाक्य
  2. मिश्र वाक्य
  3. संयुक्त वाक्य
  4. संक्षिप्त वाक्य

1) साधारण वाक्य :
వాక్యంలో ఒక उद्देश्य (subject) ఒక विधेय (predicate) కలిగి ఉన్న వాక్యాన్ని साधारण वाक्य అంటారు. साधारण वाक्य లో పై రెండిటికి ప్రాధాన్యత ఉంటుంది.
उदा :
1) मजदूर काम कर रहा है ।
2) चिड़िया उड़ रही है।

उपर्युक्त वाक्यों में ‘मजदूर’, ‘चिड़िया’ उद्देश्य है, वाक्यों का शेष भाग विधेय है ।
साधारण वाक्य లో ఈ దిగువ పదాలు उद्देश्य (Subject) రూపంలో వస్తాయి.
संज्ञा – गोपाल पढता है ।
सर्वनाम – यह सब दौडता है ।
विशेषण – वह मोटा आदमी है ।
क्रियार्थक संज्ञा – खेलना तबीयत के लिए अच्छा है ।
वाक्यांश – आपस में लड़ना बुरा है ।

साधारण वाक्य లో సర్వసాధారణంగా कर्ता ఉంటుంది. అది వాక్యం ఆరంభంలో ఉంటుంది. కాని అప్పుడప్పుడు దాని స్థానంలో कर्म, करण, संप्रदान, మొదలైన అంశాలు రావచ్చు.
कर्म कारक – गोपाल को कलम दो ।
करण कारक – इन बातों से काम नहीं चलता ।
संप्रदान कारक – लड़को के लिए में रोटी लाया ।

2) मिक्ष वाक्य :
ఒక ముఖ్య ఉపవాక్యం, దానికి అనుబంధమైన ఒకటి లేక ఒకటి కంటే ఎక్కువ ఉపవాక్యాలు ఉన్న వాక్యాన్ని मिश्र वाक्य అంటారు.
उदा :
1) जिसने वचन दिया था, उसने धोखा दिया ।
2) मुझे मालूम है कि वह हमेशा बातें करता रहता है काम कूछ नहीं करता ।
आश्रित उपवाक्य మూడు రకాలుగా ఉంటాయి.

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i) संज्ञा उपवाक्य : ముఖ్య ఉపవాక్యపు संज्ञा గాని లేని संज्ञा वाक्यांश కు గాని బదులుగా ఉపయోగించబడే ఉపవాక్యాన్ని ‘संज्ञा उपवाक्य’ అంటారు. उदाहरण : मुगलों का इतना सौभाग्य कहाँ था कि उन्हें विजय मिले । పై వాక్యంలో ‘उन्हें विजय मिले’ అశ్రిత ఉపవాక్యం. ఇది ముఖ్య ఉపవాక్యము ‘विजय मिलना’ అనే संज्ञा उपवाक्य బదులుగా వచ్చింది. ముఖ్య ఉపవాక్యంలో ఈ ‘संज्ञा उपवाक्य’ యొక్క ప్రయోగం గమనించండి.
क्या मुगलों को विजय, मिलने का सौभाग्य था ?

ii) विशेषण उपवाक्य : ముఖ్య ఉపవాక్యపు ఏదైనా संज्ञा యొక్క విశిష్టతను చెప్పే ఉపవాక్యాన్ని ‘विशेषण उपवाक्य’ అంటారు.
उदाहरण : जो लोग साहसी होते हैं, वे जीतते हैं । ఈ వాక్యంలో साहसी అనే ‘विशेषण’, लोग (संज्ञा) యొక్క విశిష్టతను తెలియజేస్తుంది.

iii) क्रिया – विशेषण उपवाक्य : ముఖ్య ఉపవాక్యపు क्रिया యొక్క విశిష్టతను తెలియపరిచే ఉపవాక్యాన్ని क्रिया – विशेषण उपवाक्य అంటారు.
उदाहरण: जब रात हुई डाकू टूट पडे ।

పై వాక్యంలో ‘जब रात हुई’ क्रिया – विशेषण उपवाक्य ఇది ముఖ్య ఉపవాక్యపు ‘रात’ क्रिया विशेषण స్థానంలో ప్రయోగించబడింది. मिश्र वाक्य లో ముఖ్య ఉపవాక్యపు సంబంధం आश्रित उपावाक्य
తో ఉన్నట్లే आश्रित उपवाक्य యొక్క సంబంధంతో ముఖ్య ఉపవాక్యం కూడా వచ్చే అవకాశం ఉంది.
उदाहरण : बच्चे ने कहा कि जिस दुकान में गया था उसमें रोटी नहीं मिली ।

ఈ వాక్యంలో ‘जिस दुकान में गया था’ అనే ఉపవాక్యం ‘रोटी नही मिली’ అనే संज्ञा उपवाक्य యొక్క विशेषण उपवाक्य అవుతుంది.
పై मिश्र वाक्य లో ప్రధాన ఉపవాక్యం ఒకటే, ఇతర రెండూ आश्रित उपवाक्य లే అని గమనించాలి.

3) संयुक्त वाक्य :
రెండు అంతకు మించి साधारण లేక मिश्र वाक्य కలిగిన వాక్యాన్ని ‘संयुक्त वाक्य’ అంటారు संयुक्त वाक्य లో साधारण, मिश्र वाक्य రెండూ ఉండవచ్చు.
उदाहरण : 1) हम स्टेशन पहुँचे और गाडी आयी ।
2) वे जल्दी आये पर मंत्री को देख नहीं सके ।

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‘संयुक्त वाक्य ‘ లో వచ్చే వాక్యాలు అన్ని స్వతంత్ర వాక్యాలే. आश्रित वाक्य కానే కావు. దీనిలో ఒకటి ప్రధాన వాక్యం అయితే మిగతావి समानाधिकरण वाक्य గా ఉంటాయి. समानाधिकरण वाक्य నాలుగు రకాలు అవి –
अ) संयोजक :
1) हम आगे बढ़ गये और वे पीछे रह गये ।
2) एक दौड रहा है और दूसरा चल रहा है ।
పై వాక్యాలలో రెండేసి ఉపవాక్యాలు ఒకదానితో ఒకటి కలుస్తున్నాయి. వాటి పరస్పర కలయిక తెలియపరుస్తున్నాయి. కనుక వాటిని ‘संयोजक’ అంటారు.

आ) विभाजक :
1) हम जायेंगे या वे यहाँ आयेंगे ।
2) उन्हें बहुत समझाया या तो सुने या न सुने ।
పై వాక్యాలలో ‘या’ వలన ఈ ఉపవాక్యాలు వేరవుతున్నాయి. ‘ వీనిలో భావ, ఆలోచన, క్రియ సంబంధమైన విభజన ఉన్నది. కనుక దీనిని ‘विभाजक’ అంటారు.

इ) विरोधार्थक :
1) मैं सब कुछ जानता हूँ पर कमप्यूटर नहीं !
2) वह होशियार है किन्तु पढ़ता नहीं ।
పై వాక్యాలలో ‘परे’, किन्तु మొదలైన పదాలు పరస్పర విరోధాన్ని తెలియజేస్తున్నాయి. కనుక వాటిని ‘विरोधार्थक’ అంటారు.

ई) परिणाम बोधक :
1) छात्र ने खुब पढ़ा इसलिए पास हुआ ।
2) वह कमजोर था अंत : हार गाया ।
పై వాక్యాలలో ఏదేని పరిణామం గోచరిస్తుంది. ‘इसलिए’, ‘अतः’ ద్వారా ఈ పరిణామం వ్యక్తమౌతుంది. కనుక వీటిని ‘परिणाम बोधक संयुक्त वाक्य’ అంటారు.

4) संक्षिप्त वाक्य :

  1. बैठिए ।
  2. सुना है ।
  3. कहते हैं ।
  4. जैसे आपकी मर्जी ।
  5. जो आप समझे ।
  6. जो उचित हो ।

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పై వాక్యాలలో కొన్ని పదాలు లోపించాయిలోపించిన శబ్దాలు అత్యావశ్యకమే అయినా, వాటిలేమి కారణంగా అర్ధంలో మాత్రం ఏ లోటు లేదు.

సహజంగా అర్ధమయ్యే శబ్దాల్ని వదిలివేసి ఏ వాక్యాన్ని సంక్షిప్తం చేస్తామో, ఆ వాక్యాన్ని ‘संक्षिप्त वाक्य’ అంటారు. संक्षिप्त वाक्य టెలిగ్రామ్ లో ఎక్కువగా వాడబడతాయి. అతి తక్కువ పదాలతో అత్యధిక భావాన్ని వ్యక్తం చేయటానికి ‘संक्षिप्त वाक्य’ బాగా ఉపయోగపడతాయి .

अर्थ की दृष्टि से वाक्य के भेद : అర్ధం, నిర్మాణం, దృష్ట్యా వాక్యాలు 8 రకాలు, అవి –

1) निषेधार्थक जिस वाक्य से किसी बात के न होने अथवा किसी विषय के अभाव का बोध हो, उसे ‘निषेधार्थक’ वाक्य कहते हैं ।
उदा :
1) वे काम नहीं करते ।
2) हमें रोटी नहीं चाहिए ।

2) विधानार्थक : जिस वाक्य से किसी बात का होना प्रकट हो, उसे ‘विधानार्थक’ वाक्य कहते हैं ।
उदा :
1) भारत में भिन्नता में एकता है ।
2) कॉलेज में छात्र पढते हैं ।

3) आज्ञार्थक : जिस वाक्य से आज्ञा, आदेश, अनुदेश, उपदेश, देने का बाध हो, उसे ‘अज्ञार्थक’ वाक्य कहते हैं ।
उदा :
1) तुम कल उससे मिलो ।
2) राम तुम खुब पढ़ो ।

4) प्रश्नार्थक : जिस वाक्य से किसी विषय के संबंध में प्रश्न पूछने का बोध हो, उसे ‘प्रश्नार्थक’ वाक्य कहते हैं ।
उदा :
1) मजदुर क्या काम कर रहा है ?
2) ये लोग कहाँ के रहनेवाले हैं ।

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5) इच्छार्थक : जिस वाक्य से किसी इच्छा था आशीर्वाद के भाव प्रकट हो, उसे इच्छार्थक वाक्य कहते हैं ।
उदा :
1) जुग जुग जियो ।
2) भगवान तुम्हें सदा सुखी रखे ।

6) सन्देहार्थक : जिस वाक्य से किसी कार्य के संभव होने (या) असंभव अथवा सन्देह का बोध हो, उसे ‘संदेहार्थक’ वाक्य कहते हैं ।
उदा :
1) खेल में न जाने कौन जीत जाएगा ।
2) तुम्हें नौकरी मिले या नहीं क्या मालुम ।

7) संकेतार्थ : जिस वाक्य से संकेत के अर्थ का बोध हो, उसे संकेतार्थ वाक्य कहते हैं ।
उदा :
1) अगर वह उद्योग करता तो सफल होता ।
2) हम जल्दी जाते तो गाड़ी पकड़ पाते ।

8) विस्मयादि बोधक : जिस वाक्य में विस्मय, आश्चर्य आदि अर्थ प्रकट हो, उसे ‘विस्मयादि बोधक’ वाक्य कहते हैं ।
उदा :
1) अरे तुम्हे क्या हो गया ।
2) ओहो । तुम आ गये ।

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वाक्य रचना संबंधी त्रुटियाँ : హిందీ వ్రాసేటప్పుడు అజాగ్రత్త కారణంగా కొన్ని తప్పులు దొర్లుతాయి. కొంచెం జాగ్రత్త పాటిస్తే ఆ తప్పులు నివారించవచ్చు. వ్రాసేటప్పుడు వాక్య నిర్మాణంపై దృష్టి పెట్టాలి. వాక్యంలో శబ్దాలను సరైన క్రమంలో వాడకపోతే వ్యక్తపరచాలనుకున్నా అర్ధంకాక వేరొక అర్ధం ధ్వనిస్తుంది.
उदा : मैं ने टहलतें हुए बाग में एक आम देखा ।

ఈ వాక్యం क्या बाग टहलता है ? అనే ప్రశ్న ఉదయిస్తుంది. అందు కోసం ఇలా వ్రాయాలి.
“जब मैं बाग में टहल रहा था तब एक आम देखा” ।

वाक्य के प्रकार (Types of Sentences)

अर्थ की दृष्टि से वाक्य के प्रकार
अर्थ के आधार पर वाक्य निम्नलिखित आठ प्रकार के होते हैं ।

  1. विधानवाचक वाक्य ( Assertive sentence)
  2. निषेधवाचक वाक्य (Negative sentence)
  3. प्रश्नवाचक वाक्य (Interrogative sentence)
  4. संकेतवाचक वाक्य (Conditional sentence)
  5. संदेहवाचक वाक्य (Sentence indicating doubt)
  6. इच्छावाचक वाक्य (Illative sentence)
  7. आज्ञावाचक वाक्य (Imperative sentence)
  8. विस्मयादिवाचक वाक्य (Exclamatory sentence)

वाक्य रचना संबंधी त्रुटियाँ : हिन्दी लिखते समय असावधानी के कारण कुछ त्रुटियाँ हो जाया करती हैं । यदी थोड़ी-सी सावधानी रखी जाय तो इन त्रुटियों से बचा जा सकता है ।
जैसे :

  1. लिंग, वचन के अनुसार क्रिया रूप लिखना चाहिए ।
  2. काल के अनुरूप धातु-क्रिया रूप बदलना चाहिए ।
  3. वाक्य संरचना कर्ता – कर्मा-क्रिया रूप में होना चाहिए ।
  4. मेरे को, तेरे को के स्थान पर मुझे, मुझे शब्दों का प्रयोग करें ।
  5. वाक्य में भाव के अनुसार कारक चिह्नों का प्रयोग करें ।

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शुध्द अशुध्द वाक्यों के उदाहरण :

1) अशुद्ध : राम रावण मारा ।
शुद्ध : राम ने रावण के मारा ।

2) अशुद्ध : वह घर को चला गया ।
शुद्ध : वह घर चला गया ।

3) अशुद्ध: मेरे को बुला रहा है ।
शुद्ध : वह मुझे बुला रहा है ।

4) अशुद्ध : तुम तेरे भाई के साथ खेल ।
शुद्ध : तुम अपने भाई के साथ खेलो ।

5) अशुद्ध : आप तुम्हारा रुपया ले लो ।
शुद्ध : आप अपने रुपये ले लीजिए ।

6) अशुद्ध : आप अच्छी महापुरुष है ।
शुद्ध : आप महापुरुष है ।

7) अशुद्ध : वह सबसे श्रेष्ठतम है ।
शुध्द : वह सबसे श्रेष्ठ है ।

8) अशुद्ध : वह शिक्षा दिया ।
शुद्ध : उसने शिक्षा दी ।

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9) अशुद्ध : वे गाँव जाता है ।
शुद्ध : वह गाँव जाता है ।

10 ) अशुद्ध : वह धीरे चला गया ।
शुद्ध : वह धीरे से चला गया ।

11) अशुद्ध : यदि काम करोगे इसलिए पैसा मिलेगा ।
शुद्ध : यदि काम करोगे तो पैसा मिलेगा ।

12) अशुद्ध : उनका प्राण चला गया ।
शुद्ध : उनके प्राण चले गये ।

13) अशुद्ध : मैं चाय पीते हैं ।
शुद्ध : मैं चाय पीता है ।

14) अशुद्ध : उसका होश उड़ गया ।
शुद्ध : उसके होश उड़ गए ।

15) अशुद्ध : कल परिणाम निकलेगी ।
शुद्ध : कल परिणाम निकलेगा ।

16) अशुद्ध : मोहन ने पुस्तक लिखा ।
शुद्ध : मोहन ने पुस्तक लिखी ।

17) अशुद्ध : वह खेल खेला ।
शुद्ध : उसने खेल खेला ।

18) अशुद्ध : अध्यापक ने विद्यार्थी पढ़ाया ।
शुद्ध : अध्यापक ने विद्यार्थी को पढ़ाया ।

19) अशुद्ध : उसने खेलना चाहिए ।
शुद्ध : उसको खेलना चाहिए ।

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20) अशुद्ध : खाना खाके आओ ।
शुद्ध : खाने केलिए आओ ।

21) अशुद्ध : वह पढ़ते हैं ।
शुद्ध : वे पढ़ते हैं ।

22 ) अशुद्ध : मैं मेरे गाँव जाऊँगा ।
शुद्ध : मैं अपने गाँव जाऊँगा ।

23) अशुद्ध : तुम तुम्हारी गाड़ी को यहाँ रखो।
शुद्ध : तुम अपनी गाड़ी को यहाँ रखो

24) अशुद्ध: मेरे को कुछ न बोलो ।
शुद्ध : मुझे कुछ न बोलो ।

25) अशुद्ध : आप और आपके बेटे को मैं जानता हूँ ।
शुद्ध : आप को और आपके बेटे को मैं जानता हूँ ।

कारक (CASE)

संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप से उसका सम्बन्ध वाक्य के अन्य शब्दों से जाना जाता है, उसे कारक कहते हैं ।
जैसे : राम ने रावण को तीर से मारा ।
नीचे दिये गये वाक्यों में रेखांकित शब्द कारक चिह्न कहलाते है । ललिता ने रवि को पत्र लिखा ।
आप लागों से उसने क्या मांगा ।
मुझको उसके बारे में कुछ नहीं मालुम ।
उनसे पत्र नहीं मिलने से अविनाश बहुत परेशान है ।
अरे! यह क्या हुआ ?

कारकों का स्वतंत्र प्रयोग नहीं होता । अतः कारक को समझने के लिए विभक्ति के बारे में जानना आवश्यक है ।

जिन चिह्नों द्वारा संज्ञा की अवस्था प्रकट होती है । उसे विभक्ति कहते हैं । अर्थात् वाक्य की क्रिया अथवा दुसरे शब्दों के साथ संज्ञा का सम्बन्ध जिन चिह्नों से जाना जाता है उन्हें विभक्ति कहते हैं ।

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‘ने’, ‘को’, ‘से’, ‘के लिए’, ‘का’, ‘कि’, ‘के’, ‘रा’, ‘री’, ‘रे’, ‘ना’, ‘नी’, ‘में’, ‘पर’, आदि सभी चिह्न विभक्तियाँ कहीं जाती है ।

कारक के आठ प्रकार हैं ।
TS Inter 1st Year Hindi Grammar वाक्य संरचना, कारक 1
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1) कर्ता कारक – इस कारक का चिह्न ‘ने’ है ।
उदाहरण :
अ) रवि ने दूध पिया ।
आ) मैं ने चिट्टी लिखी ।
इन वाक्यों में संज्ञा या सर्वनाम का रुप ‘ने’ से क्रिया करनेवाला का ज्ञान हुए हैं । अतः इसे कर्ता कारक कहते हैं । हिन्दी में ने प्रत्यय का प्रयोग भूतकाल में होता है ।

2) कर्म कारक – इस कारक का चिह्न ‘को’ है ।
उदाहरण :
अ) इस पुस्तक को वहाँ रख दो ।
आ) रामू कुत्ते को मार रहा है ।
इन वाक्यों में यह स्पष्ट है कि रखी जानेवाली पुस्तक है और मारा जाने वाले कुत्ता है । इस प्रकार इस कारक चिह्न ‘को’ से वाक्य के कर्म का पता चलता है अतः यह कर्म कारक है ।

3) करण कारक – इस कारक का चिह्न से है । इसके द्वारा साधन का बोध होता है ।
जैसे –
अ) मैं ने पत्र से उसे मारा ।
आ) मैं पेन्सिल से लिखता हूँ ।
इन वाक्यों में ‘पत्र’ ‘से’ और ‘पेन्सिल से’ इनके द्वारा साधान का बोध होता है । अतः संज्ञा व सर्वनाम का वह रुप जिससे क्रिया के साधन का बोध होता करण कारक कहते हैं ।

4) सम्प्रदान कारक – इस कारक का चिह्न ‘को’, केलिए हैं ।
जैसे-
अ) मोहन राकेश केलिए मिठाई लाया ।
आ) आप रामू को दस रुपये दीजिए ।
इन वाक्यों में यदि प्रश्न करें तो मिठाई किसके लिए लाया ? ‘राकेश के लिए’ उत्तर है । इसी तरह ‘दस रुपये किस को ‘ तो उत्तर है राम का । इस प्रकार हम देखते हैं कि क्रिया जिस के लिए की जाती है उसका बोध करानेवाले संज्ञा या सर्वनाम के रूप को सम्प्रदान कारक कहा जाता है ।

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5) अपादान कारक संज्ञा या सर्वनाम का वह रूप जिससे क्रिया के विभाग की सीमा का पता चलता है उसे अपादान कारक कहा जाता है।
जैसे –
अ) पेड़ से फल गिरा ।
आ) यह बस बासर से जाती है ।
क्रिया से प्रश्न करें कि फल कहाँ से गिरा ? उत्तर – पेड से अभं इस वाक्य में किसी वस्तु का उसके स्थान से अलग होने का बोध होता है ।

6) सम्बन्ध कारक – इस कारक का चिह्न हैं- का, के, की, रा, री, रे, आदि ।
जैसे: –
अ) शीला का घर
आ) प्रभाकर की घड़ी
इ) मेरा विश्वविद्यालय
ई) ललिता के बच्चे
उ) तुम्हारे पैसे
ऊ) मेरी पुस्तकें
संज्ञा का संबंध का, के, की, रा, रे, री, चिह्नों के माध्यम से दूसरी संज्ञाओं से रहा है । अतः संज्ञा के जिस रूप से उसका सम्बन्ध वाक्य की दूसरी संज्ञा से प्रकट हो, उसे ‘सम्बन्ध कारक’ कहते हैं ।

7) अधिकरण कारक – संज्ञा के जिस रूप से क्रिया के स्थान का बोध हो उसे अधिकरण कारक कहते हैं ।
जैसे – अ) जंगल में पशु-पक्षी रहते हैं ।
आ) पेड़ पर चिड़ियाँ बैठी हैं ।
क्रिया के आधार का बोध ‘में’ और ‘पर’ से हुआ है । अतः ‘में’, और ‘पर’ अधिकरण कारक के चिह्न हैं ।

8) सम्बोधन कारक – सम्बोधन कारक चिह्न हैं- ‘हे’, ‘अरे !’, आदि ।
जैसे – अ) अरे किरण !
आ) हे भगवान !
इ) ओ रामू !
ई) ओह ! कितनी ठंडी है ?
कारक के ये सभी रुप किसी को पुकारने । बुलाने, अपनी व्यथा या पीड़ा सुनाने के लिए प्रकट होते हैं । अतः इन्हें सम्बोधन कारक कहते हैं ।

अंग्रेजी में कारकों को Prepositions कहते हैं और ये शब्द के प्रारंभ में आते हैं । लेकिन हिन्दी में इनका प्रयोग शब्द के बाद में किया जाता है । इसलिए इनको परसर्ग (Post positions) कहते हैं । हिन्दी में कारकों का प्रयोग महत्वपूर्ण है ।

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‘ने’ का विशेष प्रयोग होता है। ‘को’, ‘से’ और ‘में’ का प्रयोग अनेक अर्थों में होता है ।

अभ्यास

रिक्त स्थानों की पूर्ति सही कारक चिह्ननों से कीजिए ।

1) राजु ने पढ़ाई की ।
2) वाह ! कितना सुंदर दृश्य है ।
3) मेज पर पुस्तक है ।
4) वह बस से गिर पड़ा ।
5) सोमू को पुस्तक चाहिए ।
6) वह बहुत दूर से आता है ।
7) घर को अनाज चाहिए ।
8) वह रामू से लड़ता है ।
9) किसान मिट्टी में बीज बोता है ।
10) वह पेड़ से फल तोड़ते लगा ।
11) राम कलम से लिखता है ।
12) पिता पुत्र को समझता है ।
13) मेरा घर दिल्ली में हैं ।
14) डाल पर पिड़िया बैठी है ।
15) नोकर ने काम किया ।
16) रमेश की बेटी बीमार है ।
17) आशा ने गीत गाया ।
18) हे, भगवान ! अब मैं क्या करूँ ।
19) यह पूस्तक संगीत की है ।
20) मैं तुम से बड़ा हूँ ।

TS Inter 1st Year Hindi Grammar वाक्य संरचना, कारक

21) राम ने रोटी खायी है ।
22) मैं भारत का निवासी हूँ ।
23) सीता घर से निकलती है ।
24) मेज पर पूस्तकें रखी हैं।
25) बच्चे को खाना खिलाओ ।
26) राम गोपाल से होशियार है ।
27) चीता, घोड़े से तेज दौड़ता है ।
28) चोर ने चाकू से मारा ।
29) मेरी कलम जेब में है ।
30) अध्यापक केलिए कूर्सी लाओ ।

TS Inter 1st Year Chemistry Notes Chapter 13 కర్బన రసాయన శాస్త్రం – సామాన్య సూత్రాలు, విధానాలు

Here students can locate TS Inter 1st Year Chemistry Notes 13th Lesson కర్బన రసాయన శాస్త్రం – సామాన్య సూత్రాలు, విధానాలు to prepare for their exam.

TS Inter 1st Year Chemistry Notes 13th Lesson కర్బన రసాయన శాస్త్రం – సామాన్య సూత్రాలు, విధానాలు

→ కార్బన్ సమ్మేళనాలను గురించి తెలిపే విభాగాన్ని కర్బన రసాయన శాస్త్రం అంటారు.

→ కర్బన సమ్మేళనాలను అచక్రీయ మరియు చక్రీయ సమ్మేళనాలుగా విభజించారు. అచక్రీయ సమ్మేళనాలను సంతృప్త అసంతృప్త సమ్మేళనాలుగా విభజించారు.

→ ఏదైనా పరమాణువు లేదా పరమాణువుల సముదాయం విశిష్ట పద్ధతిలో బంధించబడి ఆ కర్బన సమ్మేళన స్వాభావిక రసాయనిక లక్షణాలకు కారణమైందో దానిని ప్రమేయ సమూహం అంటారు.

→ ఒకే ప్రమేయ సమూహాలున్న కర్బన సమ్మేళనాలను సమజాత శ్రేణులు అంటారు.

→ కర్బన సమ్మేళనాలను IUPAC పద్ధతి ద్వారా నామకరణం చేస్తారు.

→ ఒకే అణు సంకేతం కలిగి ఉండి భిన్న ధర్మాలను ప్రదర్శించే సమ్మేళనాలను సాదృశ్యాలు అంటారు. ఈ ప్రక్రియను సాదృశ్యం అంటారు.

→ సాదృశ్యం రెండు రకాలు.

  • నిర్మాణాత్మక సాదృశ్యం,
  • త్రిమితీయ సాదృశ్యం.

→ కర్బన కారకాలు మూడు రకాలు.

  • ఎలక్ట్రోఫైల్లు,
  • న్యూక్లియోఫైల్లు మరియు
  • స్వేచ్ఛా ప్రాతిపదికలు.

TS Inter 1st Year Chemistry Notes Chapter 13 కర్బన రసాయన శాస్త్రం – సామాన్య సూత్రాలు, విధానాలు

→ ప్రతిక్షేపణ చర్యలు, సంకలనాత్మక చర్యలు, విలోపన చర్యలు, అణుపునరమరికలు మొదలగునవి సాధారణ కర్బన రసాయన చర్యలు.

→ C – C ఏకబంధం ద్వారా భ్రమణం జరిపితే ఆల్కేన్ల అనురూపకాలు వస్తాయి. ఈథేన్, గ్రహణ మరియు అస్తవ్య అనురూపకాలను ఏర్పరుస్తుంది.

→ సమయోజనీయ బంధంపై శాశ్వత ధ్రువణ ప్రభావాలు ఏర్పడతాయి. అవి ప్రేరేపక ప్రభావం మరియు రెజోనెన్స్ ప్రభావాలు.

→ ఎలక్ట్రోమెరిక్ మరియు ధ్రువణశీలత ప్రభావాలు మొదలగునవి తాత్కాలిక ఎలక్ట్రాన్ స్థానభ్రంశ ప్రభావాలు.

→ స్ఫటికీకరణం, ఉత్పతనం, స్వేదనం, పాక్షిక అంశిక స్వేదనం, నిర్వాత స్వేదనం, ద్రావణి నిష్కర్షణ, క్రోమటోగ్రఫీ మొదలగునవి కర్బన పదార్థాలను శుద్ధి చేసే విధానాలు.

→ లాసైన్ (లేదా) సోడియం నిష్కర్షణ పరీక్ష ద్వారా నైట్రోజన్, హాలోజన్, సల్ఫర్లను గుర్తిస్తారు.

→ డ్యూమా మరియు జెల్దాల్ పద్ధతులతో నైట్రోజన్ భారశాతమును కనుక్కోవచ్చు.

→ కేరియస్ పద్ధతిలో హాలోజన్ల భారశాతం కనుక్కోవచ్చు.

→ ఆల్కైల్ హాలైడ్ల క్షయకరణం ద్వారా లేదా ఉర్జి చర్య ద్వారా కాని ఆల్కేనులను తయారు చేస్తారు.

→ ఈథేన్ ప్రతిక్షేపణ చర్యలలో పాల్గొంటుంది. ఈథేన్ క్లోరినేషన్ శృంఖల చర్యకు ఉదాహరణ.

→ ఫ్రూయిండ్ పద్ధతి, విప్లిసెనస్ పద్ధతి, డిక్మెన్ పద్ధతి, డీల్స్-ఆర్డర్ పద్ధతి మొదలగు పద్ధతుల ద్వారా సైక్లోహెక్సేన్ను తయారు చేస్తారు.

→ క్షేత్ర సాదృశ్యం ఆల్కీన్లలో కనిపిస్తుంది. దీనినే సిస్-ట్రాన్స్ సాదృశ్యం అంటారు.

→ ఒక అసమకారకం ద్విబంధం దగ్గర సంకలనం చెందేటప్పుడు మార్కోనికాఫ్ నియమం ప్రకారం జరుగుతుంది.

→ మస్టర్డ్ వాయువు తయారీలో ఇథిలీన్ ను వాడతారు.

TS Inter 1st Year Chemistry Notes Chapter 13 కర్బన రసాయన శాస్త్రం – సామాన్య సూత్రాలు, విధానాలు

→ అయోడోఫామ్ నుంచి లేదా CaC2 నుంచి ఎసిటిలీన్ ను తయారు చేస్తారు.

→ ఎసిటిలీన్లో హైడ్రోజన్లకు ఆమ్ల లక్షణం ఉంటుంది.

→ కోల్తారన్న పాక్షిక స్వేదనానికి గురిచేస్తే బెంజీన్ ఏర్పడుతుంది. ఎసిటిలీన్ ను పాలిమెరీకరణం చేసి బెంజీన్ ను తయారు చేస్తారు.

→ బెంజీన్ ఏరోమాటిక్ ఎలక్ట్రోఫిలిక్ ప్రతిక్షేపణ చర్యలలో పాల్గొంటుంది.

→ క్షేత్ర సాదృశ్యాల నామకరణానికి E – Z పద్ధతిని వాడతారు.

→ బహుకేంద్రక వలయాల హైడ్రోకార్బన్లు క్యాన్సర్ కారకాలు. ఉదా : 1, 2 బెంజ్ పైరీన్.

TS Inter 1st Year Chemistry Notes Chapter 12 పర్యావరణ రసాయన శాస్త్రం

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TS Inter 1st Year Chemistry Notes 12th Lesson పర్యావరణ రసాయన శాస్త్రం

→ మనం నివసించే ప్రాంతం లేదా మన చుట్టూ ఉండే గాలి, నీరు, నేల, వాతావరణం, మొక్కలు అన్నింటిని ఉమ్మడిగా పరిసరాలు అంటారు.

→ భూమి చుట్టూ పరివేష్టితమై ఉండే వాయువుల పొరను వాతావరణం అంటారు.

→ పర్యావరణాన్ని నాలుగు భాగాలుగా విభజించారు. అవి

  • వాతావరణం
  • జలావరణం
  • శిలావరణం
  • జీవావరణం.

→ మానవులు లేదా ప్రకృతి కార్యకలాపాల ద్వారా పరిసరాలలోకి వదిలిపెట్టబడి, పరిసరాల మీద దుష్ప్రభావం చూపే పదార్థాన్ని మలినం అంటారు.

→ ప్రకృతిలో సహజంగా లభించని, మానవుల లేదా ప్రకృతి కార్యకలాపాల ద్వారా పరిసరాలలోకి వదిలిపెట్టబడిన పదార్థాన్ని మలినం అంటారు.

TS Inter 1st Year Chemistry Notes Chapter 12 పర్యావరణ రసాయన శాస్త్రం

→ కాలుష్య ప్రభావానికి గురయ్యే మాధ్యమాన్ని గ్రాహకం అంటారు.

→ కాలుష్యాలతో చర్య జరిపే మాధ్యమాన్ని సింక్ అంటారు.

→ నీటిలో కరిగి ఉండే ఆక్సిజన్ పరిమాణాన్ని విద్రావణ ఆక్సిజన్ అంటారు.

→ ఐదురోజుల కాలంలో నీటిలోని అనువైన సూక్ష్మజీవులు ఉపయోగించుకునే ఆక్సిజన్ పరిమాణాన్ని జీవరసాయన ఆక్సిజన్ అవసరం (BOD) అంటారు.

→ కలుషితమైన నీటిలో కరిగి ఉండే కర్బన రసాయనిక పదార్థాలను పూర్తిగా ఆక్సీకరణం చెందించటానికి అవసరమయ్యే ఆక్సిజన్ పరిమాణాన్ని రసాయనిక ఆక్సిజన్ అవసరం (COD) అంటారు.

→ COD, BOD విలువలు నీటి కాలుష్య పరిమాణాన్ని సూచిస్తాయి.

→ ఒక రోజులో ఒక వ్యక్తి 8 గంటల కాలం గాలిలోని విష పదార్థాలకు లేదా కాలుష్యాలకు గురి అయినప్పుడు వ్యక్తి ఆరోగ్యాన్ని భంగపరచటానికి అవసరమయ్యే పదార్థాల కనీసపు స్థాయిని ఆరంభ అవధి విలు (TLV)

→ pH విలువ 4-5 కలిగిన వర్షాన్ని ఆమ్ల వర్షం అంటారు. గాలి కాలుష్యం ఆమ్ల వర్షానికి ప్రధాన కారణం.

→ వాతావరణంలోని CO2, నీటి ఆవిరులపై అధిక గాఢతల కారణంగా, వాటికి బహిర్గమన నిరోధక ప్రభావం కారణంగా భూమి ఉపరితల ఉష్ణోగ్రత పెరుగుతుంది. దీనిని భూగోళం వేడెక్కడం లేదా గ్రీన్ హౌస్ ఫలితం అంటారు.

→ నీటిలో ఫ్లోరిన్ ఉండదగిన శాతం – < 2 PPM మరియు > 1 PPM.

→ అడవులను నరికివేయటం – గ్రీన్ హౌస్ ఫలితానికి ప్రధాన కారణం.

→ స్ట్రాటో ఆవరణంలోని ఓజోన్ పరిరక్షక పొరగా వ్యవహరిస్తుంది. కానీ, ట్రోపో ఆవరణంలోని ఓజోన్ హానికరమైనది.

→ ఉత్తేజిత చార్కోల్ DDT మరియు ఎండ్రిన్ వంటి కొన్ని సేంద్రీయ పదార్థాలను శోషించుకొంటుంది.

→ అన్ని జీవ పదార్థాలు మరియు వాటి పరిసరాల మధ్య సంబంధాన్ని ఎకోసిస్టమ్ (Eco System) లేదా సమతుల్య వ్యవస్థ అంటారు.

→ అధిక ఫ్లోరిన్ ఫ్లోరోసిస్ వ్యాధిని కలుగచేస్తుంది.

→ కార్బన్, ఫ్లోరిన్ మరియు క్లోరిన్లను కలిగి ఉన్న సమ్మేళనాలను క్లోరోఫ్లోరో కార్బన్లు అంటారు. వీటిని ఫ్రీయాన్లు అని కూడా అంటారు.

→ ఫ్రీయాన్లను శీతలీకరణులుగా ఉపయోగిస్తారు.

TS Inter 1st Year Chemistry Notes Chapter 12 పర్యావరణ రసాయన శాస్త్రం

→ ఓజోన్ను ఆక్సిజన్గా విఘటనం చెందించే ప్రక్రియలో ఉత్తేజిత క్లోరిన్ ఉత్ప్రేరకంగా పనిచేస్తుంది.

→ సల్ఫ్యూరికామ్లం, నత్రికామ్లములు వర్షపు నీటిలో కరగడం వల్ల ఏర్పడే వర్షాలను ఆమ్ల వర్షాలు అంటారు.

→ ఓజోన్ పొరకు చిల్లులు ఏర్పరచే వాయువులలో ముఖ్యమైనవి : CFC’s, NO, క్లోరిన్.

→ వాతావరణంలోని CO2, NO, N2O, CH4, O3, మొ॥ వాయువులు భూగోళం వేడెక్కడానికి లేదా గ్రీన్ హౌస్ ఫలితానికి కారణాలు.

→ పారిశ్రామిక వ్యర్థాల వల్ల కూడా వాతావరణం కాలుష్యం అవుతుంది.

→ పర్యావరణంలో కాలుష్యం రాకుండా చూడటం గురించి చెప్పే రసాయనశాస్త్ర విభాగాన్ని హరిత రసాయనశాస్త్రం అంటారు.

TS Inter 1st Year Chemistry Notes Chapter 11 P-బ్లాక్ మూలకాలు – 14వ గ్రూప్

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TS Inter 1st Year Chemistry Notes 11th Lesson P-బ్లాక్ మూలకాలు – 14వ గ్రూప్

→ కార్బన్ (C), సిలికాన్ (Si), జెర్మేనియం (Ge), టిన్ (Sn), లెడ్ (Pb) మూలకాలు గ్రూపు 14 లో ఉన్నాయి.

→ భూపటలంపై చాలా విస్తారంగా ఉండే మూలకాలలో ద్రవ్యరాశిపరంగా కార్బన్ పదిహేడోది.

→ సిలికాన్ భూపటలంపై విస్తృతంగా లభించే మూలకాలలో రెండోది (27.7% ద్రవ్యరాశిలో)

→ స్వచ్ఛమైన జెర్మేనియం సిలికాన్లను ట్రాన్సిష్టర్లు, అర్ధవాహక ఉపకరణాల తయారీలో ఉపయోగిస్తారు.

TS Inter 1st Year Chemistry Notes Chapter 11 P-బ్లాక్ మూలకాలు – 14వ గ్రూప్

→ 14వ గ్రూపు మూలకాలన్నీ ఘనపదార్థాలు. కార్బన్, సిలికాన్లు అలోహాలు. జెర్మేనియం అర్ధలోహం. టిన్, లెడ్ లు తక్కువ ద్రవీభవన ఉష్ణోగ్రత కల మృదువైన లోహాలు.

→ 14వ గ్రూపు మూలకాల ఆక్సీకరణ స్థితులు +4, +2.

→ లెడ్ సమ్మేళనాలు +2 స్థితిలో స్థిరమైనవి.

→ CCl4, జలవిశ్లేషణం చెందదు. కాని SiCl4, జల విశ్లేషణ చెందుతుంది. దీనికి కారణం Si లో d ఆర్బిటాల్ ఉండటమే.

→ CO2, SiO2, GeO2, లకు ఆమ్ల స్వభావం ఉంది. SnO2, GeO2, లకు ద్విస్వభావం ఉంటుంది.

→ CO తటస్థం. GEO కు స్పష్టంగా ఆమ్లధర్మం. అయితే SnO2, PbO లు ద్విస్వభావం గల ఆక్సెడులు.

→ SiCl4, జలవిశ్లేషణ వల్ల సిలిసిలిక్ ఆమ్లం ఏర్పడుతుంది.

→ కార్బన్ పరమాణువులకు ఒకదానితో ఒకటి సమయోజనీయ బంధాల ద్వారా శృంఖలాలను, వలయాలను ఏర్పరచే ప్రవృత్తి ఉంటుంది. దీనినే కెటనేషన్ అంటారు.

→ కెటనేషన్ సామర్థ్యం C >> Si > Ge = Sn లెడ్ కెటనేషన్ చూపదు.

→ డైమండ్లో ప్రతి కార్బన్ Sp3 సంకరీకరణంలో ఉంటుంది. ప్రతి కార్బన్ నాలుగు ఇతర కార్బన్ పరమాణువులతో Sp3 సంకర ఆర్బిటాల్లను టెట్రా హైడ్రల్ రీతిలో ఉపయోగించుకొని బంధాలను ఏర్పరుస్తుంది. డైమండ్ అత్యంత గట్టి పదార్థం.

→ గ్రాఫైట్ పొర నిర్మాణం ఉంటుంది. ఈ స్థిరమైన పొరల మధ్య మధ్య వానర్వాల్ ఆకర్షణ బలాలుంటాయి. గ్రాఫైట్లో షట్కోణ వలయంలో ప్రతి కార్బన్ పరమాణువు Sp2 సంకరీకరణం చెందుతుంది.

→ జడవాయువులైన హీలియం లేదా ఆర్గాన్ల సమక్షంలో గ్రాఫైట్ను విద్యుచ్ఛాపంతో వేడి చేసిన పుల్లరిన్ తయారవుతుంది.

→ C60 అణువు సాకర్ బంతిని పోలిన నిర్మాణం ఉండటంవల్ల దీనిని బక్ మినిష్టర్ ఫుల్లరిన్ అంటారు. * దీనిలో ఆరు కార్బన్లు ఉన్న వలయాలు 20, ఐదు కార్బన్లు ఉన్న వలయాలు పన్నెండు ఉన్నాయి.

TS Inter 1st Year Chemistry Notes Chapter 11 P-బ్లాక్ మూలకాలు – 14వ గ్రూప్

→ గ్రాఫైట్ అధిక స్థిరమైన కార్బన్ రూపాంతరం.

→ SiO2 + 2NaOH → Na2SiO3 + H2O
SiO2 + 4HF → SiF4 + 2 H2O

→ సిలికోన్లు ఆర్గానో సిలికాన్ పొలిమర్లు.

→ అధ్రువ ఆల్కెల్ సమూహాలతో చుట్టుకొన్న సిలికోన్లు జల వికర్షణ స్వభావం ఉన్నవి.

→ సిలికేటులలో నిర్మాణాత్మక యూనిట్ [SiO4]4-.

→ కృత్రిమంగా తయారుచేసిన రెండు ముఖ్య

→ త్రిమితీయ అల్లిక గల సిలికాన్ డై ఆక్సైడులో కొన్ని సిలికాన్ పరమాణువులను అల్యూమినియం పరమాణువులు స్థానభ్రంశం చేస్తే అల్యూమినియం సిలికేట్లు ఏర్పడతాయి. వీటినే జియొలైటులు అంటారు.

→ ZSM – 5 జియొలైట్ ఆల్కహాల్లను నేరుగా గాసోలిన్గా మార్చడానికి ఉపయోగిస్తారు.

TS Inter 1st Year Chemistry Notes Chapter 10 P-బ్లాక్ మూలకాలు – 13వ గ్రూప్

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TS Inter 1st Year Chemistry Notes 10th Lesson P-బ్లాక్ మూలకాలు – 13వ గ్రూప్

→ బోరాన్, అల్యూమినియమ్, గాలియమ్, ఇండియమ్ మరియు థాలియమ్ మూలకాలను 13వ గ్రూపు మూలకాలు అంటారు.

→ ఈ మూలకాల సాధారణ బాహ్య ఎలక్ట్రాన్ విన్యాసం ns2 np1.

→ బోరాన్ యొక్క పరమాణు పరిమాణం తక్కువగా ఉండటం వలన ఇది అసంగత ధర్మాలు ప్రదర్శిస్తుంది.

→ బోరాన్ ఒక అలోహం సంయోజనీయ సమ్మేళనాలను ఏర్పరచును.

→ ఈ గ్రూపు మూలకాలు +1, +3 ఆక్సీకరణ స్థితులు ప్రదర్శిస్తాయి. జడ ఎలక్ట్రాన్ జంట ప్రభావం వలన +3 ఆక్సీకరణ స్థితి యొక్క స్థిరత్వం పై నుంచి క్రిందకు తగ్గుతుంది.

→ బోరాన్ ఆక్సైడ్కు ఆమ్ల స్వభావం, Al, Ga ఆక్సైడ్లు ద్విస్వభావం TV ఆక్సైడ్లకు క్షార స్వభావం ఉంటుంది.

→ బోరాన్ సమ్మేళనాలలో బోరాక్స్, డై బోరేన్ ముఖ్యమైనవి.

TS Inter 1st Year Chemistry Notes Chapter 10 P-బ్లాక్ మూలకాలు – 13వ గ్రూప్

→ బోరాన్ పూస పరీక్షను పరివర్తన లోహాలను గుర్తించడానికి ఉపయోగిస్తారు.

→ బోరాన్ జల ద్రావణాన్ని వేడిచేస్తే ఆర్థో బోరిక్ ఆమ్లం ఏర్పడుతుంది.

→ బోరిక్ ఆమ్లంను వేడిచేస్తే చివరగా B2O3 ఏర్పడుతుంది.

→ డై బోరేన్లో బోరాన్ Sp3 సంకరీకరణం జరుపుకుంటుంది. దీనిలో B – H – B బ్రిడ్జ్ బంధాలు ఉంటాయి. వీటినే ‘3 కేంద్రక 2 ఎలక్ట్రాన్ల బంధం’ అని ‘బనానా బంధం’ అని కూడా అంటారు.

→ బోరానన్ను నారపోగులు, తుపాకిగుండు నిరోధక వస్త్రాల తయారీలో వాడతారు.

→ Al ను పరిశ్రమలలో, నిత్యజీవితంలో విస్తృతంగా వాడుతారు.

TS Inter 1st Year Chemistry Notes Chapter 9 S-బ్లాక్ మూలకాలు

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TS Inter 1st Year Chemistry Notes 9th Lesson S-బ్లాక్ మూలకాలు

→ లిథియమ్, సోడియమ్, పొటాషియమ్, రుబిడియమ్, సీసియమ్ మరియు ఫ్రాన్షియమ్ మూలకాలను IA గ్రూపు మూలకాలు అంటారు.

→ వీటినే క్షారలోహాలు అంటారు. సాధారణ వేలెన్సి కక్ష ఎలక్ట్రాన్ విన్యాసం – ns1

→ ఇవి ఆక్సీకరణ జ్వాలకు రంగును ప్రదర్శిస్తాయి. ఇవి అధిక ధన విద్యుదాత్మకతగల మూలకాలు. బలమైన క్షయకరణులు.

→ ఇవి ఆక్సిజన్తో చర్య జరిపి మోనాక్సైడ్, పెరాక్సైడ్ మరియు సూపర్ ఆక్సైడ్లను ఏర్పరుస్తాయి.

→ ఇవి ద్రవ NH3 లో కరిగి నీలం రంగు ద్రావణాన్ని ఏర్పరుస్తాయి.

→ గ్రూపులో ఇతర మూలకాలతో పోలిస్తే లిథియమ్ అసాధారణ ధర్మాలు ప్రదర్శిస్తుంది. లిథియమ్, మెగ్నీషియమ్తో కర్ణ సంబంధాన్ని కలిగి ఉంటుంది.

TS Inter 1st Year Chemistry Notes Chapter 9 S-బ్లాక్ మూలకాలు

→ Na2CO3 ని సాధారణంగా సాల్వే పద్ధతిలో తయారుచేస్తారు.

→ Na2CO3. 10H2O ను వాషింగ్ సోడా అంటారు. Na2CO3 ను సోడా యాష్ అంటారు. NaHCO3 ను బేకింగ్ సోడా అంటారు.

→ NaOH ను కాప్టనర్ కెల్నర్ పద్ధతి ద్వారా తయారుచేస్తారు.

→ బెరిలియమ్, మెగ్నీషియమ్, కాల్షియమ్, స్ట్రాన్షియమ్, బేరియమ్ మరియు రేడియమ్ మూలకాలను IIA గ్రూపు మూలకాలు అంటారు.

→ వీటినే క్షారమృతిక లోహాలు అంటారు. సాధారణ వేలెన్ని కక్ష ఎలక్ట్రాన్ విన్యాసం – ns2

→ Ba, Ca, Sr లు జ్వాలకు రంగును ప్రదర్శిస్తాయి.

TS Inter 1st Year Chemistry Notes Chapter 9 S-బ్లాక్ మూలకాలు

→ బెరిలియమ్ అసంగత ప్రవర్తనను ప్రదర్శిస్తుంది. దీని సమ్మేళనాలు సమయోజనీయ సమ్మేళనాలు.

→ కాల్షియమ్ హైడ్రాక్సైడ్, కాల్షియమ్ సల్ఫేట్, కాల్షియమ్ కార్బొనేట్, సిమెంట్ మొదలైనవి కాల్షియమ్ సమ్మేళనాలు.

→ CaSO4 = \(\frac{1}{2}\)H2O ను ప్లాస్టర్ ఆఫ్ పారిస్ అంటారు. దీనిని గృహ నిర్మాణాల్లో, దంతవైద్యంలో వాడతారు.

→ బంకమట్టి, సున్నపురాయిని కలిపి బాగా వేడిచేస్తే సిమెంట్ క్లింకర్ ఏర్పడుతుంది. దీనిని వంతెనెలు, భవనాల నిర్మాణంలో వాడతారు.

→ జీవ రసాయనశాస్త్రంలో Na, K, Mg, Ca లు ముఖ్య పాత్ర వహిస్తాయి.

TS Inter 1st Year Chemistry Notes Chapter 3 రసాయన బంధం – అణు నిర్మాణం

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TS Inter 1st Year Chemistry Notes 3rd Lesson రసాయన బంధం – అణు నిర్మాణం

→ అణువులోని పరమాణువుల మధ్యగల ఆకర్షణ శక్తిని రసాయన బంధం అంటారు.

→ స్థిరత్వం పొందడానికై పరమాణువులు తమ బాహ్య కర్పరంలో అష్టక విన్యాసం పొందడాన్ని అష్టక సిద్ధాంతం అంటారు.

→ ఎలక్ట్రాన్ల స్థానాంతర గమనం వల్ల ఏర్పడే వేలన్సీని ఎలక్ట్రో వేలన్సీ అని, ఎలక్ట్రాన్లను సమిష్టిగా పంచుకోవడం వల్ల ఏర్పడే వేలన్సీని కోవేలన్సీ అని అంటారు.

→ ఎలక్ట్రాన్ల స్థానాంతర గమనం వల్ల ఏర్పడ్డ విరుద్ద ఆవేశాలు గల అయాన్ల మధ్యగల స్థిర విద్యుదాకర్షణ బలాలను అయానిక బంధం లేక ఎలక్ట్రోవేలంట్ బంధం అంటారు.

→ IP విలువ తక్కువ, సైజు ఎక్కువ మరియు ఆవేశం తక్కువ గల పరమాణువుల నుండి సులభంగా కేటయాన్ ఏర్పడుతుంది.

→ E. A విలువ ఎక్కువ, సైజు తక్కువ మరియు ఆవేశం తక్కువ గల పరమాణువుల నుండి సులభంగా ఆనయాన్ ఏర్పడుతుంది.

→ అనంత దూరంలో ఉన్న విరుద్ధ ఆవేశాలు గల అయాన్లను దగ్గరకు చేర్చినపుడు ఒక మోల్ అయానిక స్ఫటికం ఏర్పడుతుంది. అపుడు విడుదలయ్యే శక్తిని లాటిస్ శక్తి అంటారు.

→ లాటిస్ శక్తిని పరోక్షంగా బోర్న్ హేబర్ వలయ పద్ధతి ద్వారా కనుగొంటారు. ఈ వలయ పద్దతి హెస్ సంకలన నియమంపై ఆధారపడి ఉంటుంది.

→ అయానిక పదార్ధంలోని ఏ అతి సూక్ష్మ విభాగాన్ని త్రిజ్యామితీతంగా పునరావృతం చేస్తే మొత్తం స్ఫటికం ఏర్పడుతుందో ఆ సూక్ష్మ విభాగాన్ని యూనిట్ సెల్ అంటారు.

TS Inter 1st Year Chemistry Notes Chapter 3 రసాయన బంధం – అణు నిర్మాణం

→ అయానిక స్పటికంలో కేంద్రక అయాన్ చుట్టూ ఆవరించి ఉన్న విరుద్ద ఆవేశ అయాన్ల సంఖ్యను సమన్వయ సంఖ్య అంటారు.

→ సోడియం క్లోరైడ్ ఫలక కేంద్రిత ఘన నిర్మాణాన్ని మరియు సీసియం క్లోరైడ్ అంతఃకేంద్రిత ఘన నిర్మాణాన్నికలిగి ఉంటాయి.

→ అయానిక పదార్థాలు ధృవ శీలతను కలిగి ఉంటాయి. అందువలన అవి నీరు వంటి ధృవ ద్రావణులలో మాత్రమే కరుగుతాయి. కాని బెంజీన్ వంటి అధృవ ద్రావణులలో కరగవు.

→ ఎలక్ట్రాన్లను సమిష్టిగా పంచుకోవడం వల్ల ఏర్పడే బంధాన్ని సమయోజనీయ బంధం అంటారు. దీనిని జంట బంధం అని కూడా అంటారు.

→ ఒకే మూలకానికి చెందిన పరమాణువులను కలిగి ఉన్న అణువులను సజాతీయ అణువులు అని, విభిన్న మూలకాలకు చెందిన పరమాణువులను కలిగి ఉన్న అణువులను విజాతీయ అణువులు అని అంటారు.

→ సమయోజనీయ సమ్మేళనాలు ఎక్కువగా అధృవ ద్రావణులలో కరుగుతాయి. ధృవ ద్రావణులలో కరగవు.

→ ఏ అణువులలోని కేంద్రక పరమాణువుకు ఎనిమిది కన్నా తక్కువ ఎలక్ట్రాన్లు ఉంటాయో అట్టి వానిని ఎలక్ట్రాన్లు కొరత గల అణువులు అంటారు. ఉదా : BeCl2, BF3 మొ||నవి.

→ వేలన్స్ బంధ సిద్ధాంతం ప్రకారం సగం నిండిన పరమాణువులు గల ఆర్బిటాళ్ళు ఆవరింపు చేసుకోవడం వల్ల సమయోజనీయ బంధం ఏర్పడుతుంది.

→ సగం నిండిన ఆర్బిటాళ్ళు పరస్పరం అభిముఖ ఆవరింపు చేసుకోవడం వల్ల ఏర్పడే సమయోజనీయ బంధాన్ని సిగ్మా బంధం అంటారు.

→ సగం నిండిన ఆర్బిటాళ్ళు పరస్పరం ప్రక్క వాటుగా ఆవరింపు చేసుకోవడం వల్ల ఏర్పడే సమయోజనీయ బంధాన్ని పై బంధం అంటారు.

→ సిగ్మా బంధంలో ఆర్బిటాళ్ళ ఆవరింపు పై బంధంలోని ఆర్బిటాళ్ళ ఆవరింపు కన్నా ఎక్కువగా ఉంటుంది. అందువలన సిగ్మా బంధం పై బంధం కన్నా బలమైనది.

→ VSEPR సిద్ధాంతం అణువుల అకృతులను మరియు బంధ కోణాలను వివరిస్తుంది.

→ కేంద్రక పరమాణువు ఒంటరి ఎలక్ట్రాన్ జంటలను కలిగి ఉంటే అపుడు అణువు ఆకృతిలో విరూపణ మరియు బంధకోణంలో తగ్గుదల ఏర్పడతాయి.

→ అమ్మోనియా అణువు పిరమిడల్ ఆకృతిని కలిగి ఉంటుంది. బంధకోణం 107° ఉంటుంది.

→ నీరు అణువు V ఆకృతిని కలిగి ఉంటుంది. బంధ కోణం 104.5° ఉంటుంది.

→ బంధింపబడి ఉన్న పరమాణువుల మధ్యగల సరాసరి అంతర్కేంద్ర దూరాన్ని బందదైర్ఘ్యం అంటారు.

→ ఒక మోల్ సమయోజనీయ బంధాన్ని దాని అనుఘటక పరమాణువులుగా విడగొట్టడానికి కావలసిన శక్తిని బంధశక్తి అంటారు.

→ దాదాపుగా సమానశక్తి గల పరమాణు ఆర్బిటాళ్ళు ఒక దానితో ఒకటి కలిసిపోయి అంతే సంఖ్యలో సర్వసమానాలైన కొత్త ఆర్బిటాళ్ళను ఏర్పరచే పద్ధతిని సంకరీకరణం అంటారు.

→ PCl5 అణువులో కేంద్రక ‘P’ పరమాణువు sp3d సంకరీకరణం పొందుతుంది. PCl5 అణువు ట్రైగోనల్ బై పిరమిడల్ ఆకృతిని కలిగి ఉంటుంది.

→ SF6 అణువులో కేంద్రక ‘S’ పరమాణువు sp3d2 సంకరీకరణం పొందుతుంది. SF6 అణువు ఆక్టా హెడ్రల్ ఆకృతి కలిగి ఉంటుంది.

→ బంధంలో పాల్గొనే పరమాణువులు సమాన సంఖ్యలో ఎలక్ట్రాన్లను పంచుకున్నప్పుడు ఏర్పడే బంధాన్ని ధృవ సమయోజనీయ బంధం అంటారు. దీనిలో విభిన్న మూలకాలకు చెందిన పరమాణువులు బంధంలో పాల్గొంటాయి.

→ బంధంలో పాల్గొనే పరమాణువులు అసమానంగా ఎలక్ట్రాన్లను పంచుకున్నప్పుడు ఏర్పడే బంధాన్ని ధృవ సమయోజనీయ బంధం అంటారు. దీనిలో విభిన్న మూలకాలకు చెందిన పరమాణువులు బంధంలో పాల్గొంటాయి.

TS Inter 1st Year Chemistry Notes Chapter 3 రసాయన బంధం – అణు నిర్మాణం

→ ఒక ధృవశీల అణువులో, ధృవాల మీద ఉన్న ఆవేశిత పరిమాణం మరియు ధృవాల అంతర్ కేంద్ర దూరాల లబ్ధాన్ని ద్విధ్రువ భ్రామకం అంటారు. ఇది సదిశ రాశి. దీనిని డీబై ప్రమాణంలో కొలుస్తారు.

→ పంచుకోబడిన ఎలక్ట్రాన్ జంట బంధంలో పాల్గొనే పరమాణువులలో ఒకేదానికి చెందినపుడు ఏర్పడే బంధాన్ని సమన్వయ సమయోజనీయ బంధం అంటారు.

→ బంధం ఏర్పడటానికి కావలసిన ఎలక్ట్రాన్ జంటను ఏ పరమాణువు దానం చేస్తుందో దానిని దాత అంటారు.

→ బంధ ఎలక్ట్రాన్ జంటను స్వీకరించే దానిని స్వీకర్త అంటారు.

→ ఒక H- పరమాణువుకు అత్యధిక E.N. విలువ గల వేరొక పరమాణువుకు మధ్య ఏర్పడే బలహీన విద్యుదాకర్షణ బలాన్ని హైడ్రోజన్ బంధం అంటారు.”

→ అంతరణుక హైడ్రోజన్ బంధం వల్ల అణువుల కలయిక జరిగి పదార్థాల కరుగు మరియు మరుగు ఉష్ణోగ్రతలలో పెరుగుదల ఏర్పడుతుంది.

→ లోహ పరమాణువులను ఒక దానితో ఒకటి బంధించే ఆకర్షణ బలాలను లోహబంధం అంటారు.

→ ఎసిటిక్ ఆమ్లం యొక్క వింత ప్రవర్తనకు కారణం అది డైమర్గా ఉండటమే.

→ అణువులో బంధిత కేంద్రకాల చుట్టూ ఎలక్ట్రాన్లను కనుగొనే సంభావ్యత అధికంగా ఉన్న ప్రాంతాన్ని అణు ఆర్బిటాల్ అంటారు.

→ సంకలనం చెందే పరమాణు ఆర్బిటాళ్ళ సంఖ్య, దాని ఫలితంగా ఏర్పడే అణు ఆర్బిటాల్ల సంఖ్యకు సమానం.

→ పరమాణు ఆర్బిటాల్ల శక్తి కంటె తక్కువ శక్తి స్థాయిలో ఉన్న అణు ఆర్బిటాల్లను బంధక ఆర్బిటాల్లు అంటారు.

TS Inter 1st Year Chemistry Notes Chapter 3 రసాయన బంధం – అణు నిర్మాణం

→ పరమాణు ఆర్బిటాల్ల శక్తి కంటే ఎక్కువ శక్తి స్థాయిలో ఉన్న అణు ఆర్బిటాల్లను అపబంధన ఆర్బిటాల్లు అంటారు.

→ సంకలన ప్రక్రియలో పాల్గొనని ఆర్బిటాల్లను అబంధక ఆర్బిటాల్లు అంటారు.